हरियाणा सरकार का बड़ा आदेश, 1 मई तक किसान करें फसल नुकसान का दावा अपलोड

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वर्षा वर्मा

 

 

चंडीगढ़:  हरियाणा सरकार ने किसानों से एक मई तक फसल नुकसान के दावे को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने का आदेश दिया है। यह आदेश ऐसे समय में आया है ज‍ब पिछले दिनों राज्य भर में आग की घटनाओं में किसानों की गेहूं की फसल बड़े पैमान पर नष्‍ट होने की खबरें आई थीं। सरकार का कहना है कि किसान जितनी जल्‍दी इस काम को पूरा करेंगे, उतनी ही जल्‍दी उनके हित के लिए कोई फैसला लिया जा सकेगा।

 

 

 

 

7 जिलों के 102 गांव प्रभावित
वित्तीय आयुक्त राजस्व (एफसीआर) सुमिता मिश्रा ने सिरसा, कुरुक्षेत्र, फतेहाबाद, चरखी दादरी, यमुनानगर, कैथल और रोहतक के डिप्‍टी कलेक्‍टर (डीसी) को एक चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में उन्‍होंने निर्देश दिया है कि वह किसानों से अपनी फसल नुकसान के दावे को ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपलोड करने के लिए ताकि सरकार उन्हें राहत प्रदान करने के बारे में निर्णय ले सके। इन सात जिलों के 102 गांवों में आग के कारण फसल को भारी नुकसान पहुंचने की सूचना है। कृषि विभाग ने अनुमान लगाया था कि आग की घटनाओं के कारण 814 एकड़ से ज्‍यादा खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है जिससे 312 किसानों को करोड़ों का नुकसान हुआ है।

 

 

आग लगने की प्रमुख वजह
खेतों में चल रही ओवरहेड बिजली लाइनों के कारण शॉर्ट सर्किट को आग की घटनाओं का प्रमुख कारण बताया गया है। हालांकि ऐसी घटनाएं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के दायरे में नहीं आती हैं। पीएम फसल बीमा योजना के दायरे में बिजली गिरने से होने वाले नुकसान को जरूर कवरेज मिलती है। लेकिन शॉर्ट सर्किट से होने वाले नुकसान को नहीं। फिर भी राज्‍य की बीजेपी सरकार किसानों को मुआवजा देने के लिए इच्छुक है।

 

 

 

 

कौन से जिले सबसे ज्‍यादा प्रभावित
एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने बताया है कि सरकार संबंधित डीसी के जरिये किसानों की तरफ से अपलोड किए गए दावों की पुष्टि करेगी। इसके बाद जल्द ही मुआवजा पैकेज को जारी किया जाएगा। बताया जा रहा है कि सबसे ज्‍यादा नुकसान सिरसा में हुआ है जहां पर 266.28 एकड़ गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है। इसके बाद कैथल जहां 146.3 एकड़, फिर फतेहाबाद जहां 83.3 एकड़ फसल और फिर कुरुक्षेत्र का नंबर है जहां पर 57 एकड़ फसल का नुकसान हुआ है।

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