
आलोक रंजन,युवा पत्रकार
बिहार में शराबबंदी के फैसले के बाद नशे की लत के आदी लोग अन्य तंबाकू उत्पादों का सेवन कर अपने नशे की लत को पूरा कर रहे थे। कोई गांजा से काम चला रहा था तो कोई भांग से किसी के मुंह में सिग्रेट के धुयें और गुटके की पीच—पीच। खैनी तो आम है ही लेकिन आज आये बिहार सरकार के एक आदेश ने ऐसे लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है।
अब गुटखा व पान मसाला पर पूर्ण प्रतिबंध
शराब पर पूर्ण प्रतिबंध के डेढ़ महीने बाद राज्य सरकार ने गुटखा व पान मसाला के उत्पादन, बिक्री, ढुलाई, प्रदर्शन व भंडारण पर भी एक साल तक पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। प्रतिबंध 21 मई से प्रभावी होगा।
लाइसेंसी अधिकारी व खाद्य संरक्षा अधिकारी पूरे बिहार में गुटखा एवं पान -मसाला (तम्बाकू व निकोटीन युक्त) पर रोक के लिए छापेमारी करेंगे। निरीक्षण व छापेमारी के दौरान दोषी पाए गए संबंधित व्यक्तियों पर खाद्य संरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।

