
गर्मी में केवल मनुष्य ही परेशान नहीं होते, पेड़ और पौधे भी इससे जूझते हैं। ज़्यादा गर्मी का असर पौधों की बढ़वार को रोक देता है। गर्मी में पौधे मुरझाने लगते हैं। उन्हें अधिक नमी व पर्याप्त देखभाल और हरा-भरा रखने के लिए पोषण की आवश्यकता होती है। पौधों को इस गर्मी में पोषण देने के लिए ठंडी खाद का इस्तेमाल करें। इससे पौधों को गर्मी नहीं लगेगी और वे स्वस्थ भी रहेंगे।
पौधों के लिए ठंडी खाद
खाद कई प्रकार की होती है। कुछ खाद ऐसी होती है जिन्हें पौधों को देने से उन्हें गर्मी मिलती है। वहीं कुछ खाद ऐसी भी होती है जिन्हे देने से ठंडक बनी रहती है। गर्मियों में अगर गर्म खाद देते हैं तो पौधों को नुकसान हो सकता है। इसलिए पौधों को गर्मी में ठंडी खाद देनी चाहिए। जिससे पौधों को किसी तरह का नुकसान ना हो। कई तरह की खाद है जिन्हें ठंडी खाद कहा जाता है। जिनमें से आज कुछ खाद की जानकारी हम आपके लिए लेकर आए हैं।
ये भी पढ़े…
गेंदे के फूल की अच्छी पैदावार के लिए खेतो में डालें ये खाद, बंपर होगी पैदावार
1. सबसे पहले हम मुफ्त की खाद की बात करेंगे, जो कि पौधों की जड़ों को ठंडक देती है। यह पत्तियां द्वारा बनाई जाती है। इसे पत्तियों की खाद भी कह सकते हैं। इसके लिए पेड़ पौधों से गिरने वाली पत्तियों को उठाकर सुखाया जाता है। और उससे जैविक खाद बनाई जाती है। पत्तियों की खाद से मिट्टी उपजाऊ होती है। मिट्टी में पानी सोखने की क्षमता बढ़ती है। जड़ों में ठंडक पहुंचती है। इससे पौधों का विकास अच्छा होता है। इसे फूल और सब्जी के पौधों को भी दे सकते हैं।
2. गोबर की खाद गर्मियों में दे सकते हैं। लेकिन यहां पर ध्यान रखना है की पुरानी गोबर की खाद होनी चाहिए। गर्मियों में चाहे तो गोबर की तरल खाद तैयार कर सकते हैं। जिसके लिए 5 लीटर पानी में 100 ग्राम गोबर के खाद दो दिन के लिए रखें और फिर पानी में मिलाकर ही इस्तेमाल करें।
3. गर्मी में पौधों को सीवीड दे सकते हैं। यह बाजार में आसानी से मिल जाती है। यह एक जैविक खाद है। सीवीड खाद में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, कैल्शियम, पोटेशियम और जिंक जैसे कई तरह के पोषक तत्व होते हैं। यह कर पौधों को विपरीत परिस्थितियों से बचाते हैं। किसी भी मौसम में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
4. गर्मी के लिए कंपोस्ट खाद बढ़िया होती है। कंपोस्ट खाद रसोई से निकलने वाले फल और सब्जियों के छिलके से तैयार कर सकते हैं। इसकी मात्रा की बात करें तो एक पौधे में एक मुट्ठी देनी है। इससे भी पौधे को संपूर्ण पोषण मिलता है।

