किसान खेतों में ड्रोन से करें यूरिया का छिड़काव, सरकार ले आई ऐसा प्लान, खर्च मात्रा 100 रुपये 

0
214

किसी भी फसल में बीमारियां लगना आम बात है और ऐसे में अचानक बीमारी आ जाने के कारण स्प्रे करना असंभव होता है। लेकिन अब खेती-बाड़ी में ड्रोन के आने से एक बार में काफी बड़े क्षेत्र में छिड़काव किया जा सकता है। हरियाणा के किसान खेती-किसानी में ड्रोन का इस्तेमाल कर सकें, इसके लिए हरियाणा की सरकार एक खास योजना लाई है।

अंकित पाण्डेय

नई दिल्ली: हरियाणा सरकार ने किसानों को बड़ी सौगात दी है। प्रदेश के किसान अब सिर्फ 100 रुपये खर्च कर नैनो यूरिया का छिड़काव ड्रोन के माध्यम से कर सकेंगे। योजना की जानकारी खुद हरियाणा सरकार कृषि मंत्री जे पी दलाल ने दी। दलाल के अनुसार ड्रोन से नैनो यूरिया का छिड़काव करने पर फसलों की पैदावार बढ़ जाएगी। साथ ही खेत में इनपुट लागत में भी काफी गिरावट आएगी।

 

ताकिनिकी से जुड़े लोगों के लिए बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

 

हरियाणा के कृषि मंत्री जय प्रकाश दलाल ने कहा कि कृषि ड्रोन के साथ, ड्रोन उद्यमी क्षेत्र के किसानों को अच्छी सेवा प्रदान करेंगे। इसके इतर, कृषि ड्रोन युवा उद्यमियों और ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार पैदा करेंगे। उनके मुताबिक किसानों की आय बढ़ाने के लिए नैनो उर्वरकों का उपयोग एक अच्छा विकल्प हो सकता है और सरकार कृषि लागत को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कृषि मंत्री जय प्रकाश दलाल ने कहा कि हरियाणा में ड्रोन के जरिए नैनो उर्वरकों के फसल में छिड़काव को बढ़ावा देने के लिए नई योजना तैयार की गई है। जिसके तहत खेत में सिर्फ 100 रुपए पर नैनो तरल यूरिया का छिड़काव होगा उन्होंने यह एक न्यूज कंपनी को दिए गए इंटरव्यू में कहा।

 

कितना फायदेमंद खेती में ड्रोन का उपयोग

हर तरह की फसल में अचानक बीमारी आ जाने के कारण स्प्रे करना असंभव होता था। ड्रोन का खेती के लिए उपयोग बेहद लाभकारी सिद्ध होगा । ड्रोन का उपयोग समय की बचत तो कराएगा ही साथ ही साथ किसानों की लागत घटाने में बड़ी भूमिका निभाएगा।अब खेती-किसानी में ड्रोन के आने से एक बार में काफी बड़े एरिया में छिड़काव किया जा सकता है। इससे दवा और समय दोनों की बचत होगी। दवा की लागत की वजह से किसान पहले छिड़काव नहीं कर पाते थे, जिससे फसलों में कीड़े लग जाते थे और फसलें बर्बाद हो जाती थी। मगर अब ड्रोन से एक बार में ज्यादा एकड़ में छिड़काव हो सकता है।

 

सब्सिडी पर किसान खुद ही खरीद सकते हैं ड्रोन

 

सब्सिडी पर किसान खुद ड्रोन खरीद कर अन्य किसानों के खेतों में यूरिया या फिर कीटनाशक के छिड़काव कर अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। इसके लिए केंद्र सरकार भी सहकारी समिति किसानों, एफपीओ और ग्रामीण उद्यमियों को कस्टम हायरिंग सेंटर द्वारा ड्रोन की वास्तविक कीमत के 40% की दर या अधिकतम 4 लाख रुपयों तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है।

Read Also➡️Progressive Farming “काले-मोतियों की खेती से धीरे धीरे बदल रही बस्तर के प्रगतिशीलकिसानों की जिंदगी,”

     ➡️फूलों की खेती से सोनभद्र का किसान मालामाल हुआ

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here