
उत्तर प्रदेश: रंग-गुलाल की मस्ती में सराबोर होने के लिए हर कोई होली का इंतजार कर रहा है। हालांकि, इस दौरान मार्केट में केमिकल वाले रंग बिकते हैं। जो स्किन-हेयर के लिए नुकसानदायक होते है। लेकिन सहारनपुर के कुछ किसानों ने एक ऐसा गुलाल तैयार किया है। जिसको लगाने से किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होता है। साथ ही अगर गलती से भी गुलाल आपके मुंह मे भी चला जाता है। तो तब भी आपको किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होगा। दरअसल, ये किसान बीते 10 वर्षों से हरी सब्जियों की ऑर्गनिक तरीके से खेती करते आ रहे है।
किसान ने बनाया ऑर्गेनिक सब्जियों से गुलाल
इस बाबत किसानों ने बताया कि चुकंदर से लाल रंग, पालक से हरा रंग, केशु के फूल, चुकंदर और हल्दी मिलाकर पिला गुलाल बनाया है। वहीं, अरारोट का बेस बनाकर गुलाल तैयार कर डाला। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा तैयार किया गया यह गुलाल किसी भी प्रकार का कोई नुकसान सेहत को नहीं पहुंचता है। वह इस गुलाल को मार्केट में आए हुए रंगों से सस्ते में बेच रहे हैं। वह अब डिमांड के अनुसार और गुलाल तैयार कर रहे हैं।
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100 रुपए किलो में बेच रहे हैं गुलाल
ऑर्गेनिक तरीके से तैयार किए गए इस गुलाल की डिमांड भी आने लगी है। इन किसानों ने अब तक 20 किलो गुलाल तैयार कर बेच भी दिया है। उन्होंने बताया कि मार्केट में आने वाले केमिकल वाले गुलाल के मुकाबले इस ऑर्गेनिक गुलाल की कीमत काफी कम रखी गई है। वह मात्र 100 रुपए किलो के हिसाब से इस आर्गेनिक गुलाल को बेच रहे हैं। वह पूरी तरह ऑर्गेनिक है। हमारे शरीर त्वचा और आंखों के लिए सेफ है। इस हर्बल गुलाल की कीमत 25 रुपये में 250 ग्राम रखी गई है।
ऑर्गेनिक सब्जियों की करते हैं खेती
सहारनपुर के मेरवानी में रहने वाले 70 साल के एक प्रगतिशिल किसान ने बताया कि वह लंबे समय से ऑर्गेनिक सब्जियों की खेती करते आ रहे हैं। उन्होंने अपने घर पर जर्मनी में रह रहे पोता-पोती के लिए गुलाल बनाने का सोचा। इसके बाद अपने खेत में लगाई गई ऑर्गेनिक सब्जियों से विभिन्न प्रकार के गुलाल तैयार किया है। हालांकि सहारनपुर के मेरवानी में रहने वाले ये किसान 2015 में उत्तराखंड वन विभाग से फॉरेस्ट रेंजर के पद पर तैनात थे। अपने पद से रिटायर होने के बाद अब वो खेती-किसानी से घर बैठे लाखों रुपये की आय कर रहे हैं।

