वर्षा वर्मा
रांची: किसान दिन रात कड़ी मेहनत कर अपने खेतों में फसल उगाते हैं। लेकिन झारखंड के किसान आज अपनी मेहनत पर ही पानी फेर दे रहे हैं। इसकी बड़ी वजह ये है कि उन्हें अपना लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा है। जिससे वे निराश हैं। ग्रामीण इलाकों के बाजार में फूलगोभी और पत्ता गोभी दो रुपये किलो बिक रही है। वहीं, शहरी इलाकों में गोभी 10 रुपये किलो बिक रही है। इसलिए अब किसान अपने खेतों पर टैक्टर चलाने को विवश हैं।
किसानों ने अपनी फसल पर चला दिया ट्रैक्टर
सोमवार को रामगढ़ जिले के चितरपुर प्रखंड क्षेत्र के बड़कीपोना गांव के किसानों ने अपनी एक एकड़ जमीन में लगी पत्ता गोभी की फसल पर ट्रैक्टर चला कर उसे रौंद दिया। दो दिन पहले गोला में भी किसान ने इसी तरह फूलगोभी की तैयार फसल पर भी ट्रैक्टर चला दिया था।
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फसल को बाजार तक लाने का खर्च भी नहीं मिल रहा
किसानों का कहना है कि खेत से तोड़कर फसल को बाजार तक लाने में जो खर्च आ रहा है। उतनी कीमत भी उन्हें नहीं मिल रही है। उनका कहाना है कि हमारा पूरा परिवार कृषि कार्य पर निर्भर है। साल भर हमलोग खेती करके अपने परिजनों का भरण-पोषण करते है। लेकिन अचानक सब्जियों के दाम नहीं मिलने से काफी क्षति हो रही है। बाजार में दो से पांच रुपये किलो गोभी बिक रही है। कुछ किसानों ने कहा कि कर्जा लेकर खेती की थी। नुकसान होने के कारण साहूकारों को अब सूद भी देना पड़ेगा।
