- बड़ा सवाल…क्या जयंत बदलेंगे पाला और थामेंगे एनडीए का कुनबा
नयी दिल्ली: मौजूदा केंद्र सरकार के मुखिया नरेंद्र मोदी अपने फैसलों से विपक्षियों को अक्सर चौंकाते हैं। एक ऐसा ही चौकाने वाला निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने आज भी लिया और किसान नेता पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिये जाने की घोषणा हुई। वैसे तो भारत रत्न दिये जाने वालों की सूची में दो और नाम है वो नाम है पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव और हरित क्रांति के जनक माने जाने वाले कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन का। लेकिन सबसे ज्यादा चौकाने वाला फैसला किसान नेता पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिये जाने का रहा।
जैसे ही नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट किया कि हमारी सरकार का यह सौभाग्य है कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी को भारत रत्न से सम्मानित किया जा रहा है। यह सम्मान देश के लिए उनके अतुलनीय योगदान को समर्पित है। उन्होंने किसानों के अधिकार और उनके कल्याण के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था।
उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और किसान नेता रहे चौधरी चरण सिंह को पीएम मोदी ने भारत रत्न देने का एलान किया है।

जाटलैंड में दिखा उत्साह
प्रधानमंत्री की यह घोषणा होना और बागपत सहित पूरे जाट लैंड यानी पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा में हर और जश्न का माहौल बन गया।
बड़ी बात ये है कि किसान नेता चौधरी चरण सिह को भारत रत्न दिये जाने के इस फैसले से किसानों की खुशी छुपाए नहीं छुप रही। यहां तक की चौधरी साहब के पोते राष्ट्रीय लोकदल के मुखिया जयंत चौधरी ने त्वरित प्रतिक्रिया दी और प्रधानमंत्री के पोस्ट को साझा करते हुए लिखा कि दिल जीत लिया।
वैसे भी जयंत को लेकर कयासों का बाजार गर्म है कि उनकी पार्टी जल्द एनडीए गठबंधन में शामिल हो जाएगी। खैर जो भी हो बिहार में कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिये जाने की घोषणा के बाद जदयू पाला बदल कर यानी महागठबंधन को छोड़कर एनडीए में आ चुके हैं और खेला शुरू हो चुका है। संभव है नरेंद्र मोदी के चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिये जाने के इस फैसले का भी सियासी असर हो और जयंत चौधरी का एनडीए गठबंधन में आने का रास्ता खुले और अखिलेश यादव ठगा हुआ महसूस करें।
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