भारतीय जनता पार्टी के वयोवृद्ध नेता एवं पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा।
लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य रहे वयोवृद्ध नेता एवं पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से अलंकृत किया जाएगा। घोषणा के तुरंतबाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें बधाई दी है। मुख्यमंत्री सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर लिखा “भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य, असंख्य कार्यकर्ताओं के प्रेरणास्रोत एवं पूर्व उपप्रधानमंत्री आदरणीय लाल कृष्ण आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने का निर्णय, उनके सार्वजनिक जीवन में दशकों की सेवा, प्रतिबद्धता और राष्ट्र की अखंडता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता तथा राजनैतिक जीवन में शुचिता व नैतिकता के उच्च मानक स्थापित करने वाले उनके अद्वितीय प्रयासों को सम्मान प्रदान करने वाला है। राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पुनरुत्थान की दिशा में किए गए उनके अथक प्रयास हम सभी के लिए अद्वितीय प्रेरणा के स्रोत हैं। आदरणीय आडवाणी जी को हार्दिक बधाई!”
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को घोषणा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘हमारे समय के सबसे सम्मानित राजनेताओं में से एक लालकृष्ण आडवाणी का भारत के विकास में महान योगदान है। उन्होंने अपने जीवन में जमीनी स्तर पर काम करने से शुरुआत कर हमारे उपप्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा की।”
आडवाणी का राजनैतिक जीवन
डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने वर्ष 1951 में जनसंघ की स्थापना की। स्थापना से लेकर सन 1957 तक आडवाणी पार्टी के सचिव रहे। वर्ष 1973 से 1977 तक आडवाणी ने भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष का दायित्व सम्भाला। वर्ष 1980 में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना के बाद से 1986 तक लालकृष्ण आडवाणी पार्टी के महासचिव रहे। इसके बाद 1986 से 1991 तक पार्टी के अध्यक्ष पद का उत्तरदायित्व भी उन्होंने सम्भाला।
आडवाणी ने 1990 में निकाली थी राम रथ यात्रा
इसी दौरान वर्ष 1990 में राम मन्दिर आन्दोलन के दौरान उन्होंने गुजरात के सोमनाथ से अयोध्या के लिए राम रथ यात्रा निकाली। हालांकि आडवाणी को बीच में ही गिरफ़्तार कर लिया गया पर इस यात्रा के बाद आडवाणी का राजनीतिक कद और बढ़ गया। सन 90 की उस रथयात्रा ने लालकृष्ण आडवाणी की लोकप्रियता को बुलंदी पर पहुंचा दिया था। 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद जिन लोगों को अभियुक्त बनाया गया है उनमें आडवाणी का नाम भी शामिल है।
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