कृषि पाठ्यक्रमों में बदलाव, व्यावहारिक प्रशिक्षण और कौशल विकास पर जोर

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सरकार ने डीन कमिटी की सिफारिशों को दी मंजूरी, इस शिक्षा सत्र से होगा लागू

संतोष कुमार सिंह

राहूरी,अहमदनगर: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय कृषि विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में आमूलचूल बदलाव करने की दिशा में अग्रसर है। खेती के रोजगार परकता और किसानों को बाजार से जोड़ने के लिए विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में बदलाव किया गया है। इसके लिए सरकार ने डीन कमिटी बनाई थी। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा है कि कृषि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए गठित पांचवी डीन कमेटी द्वारा विषय – वस्तु और पाठ्यक्रम में संशोधन की सिफारिश को मंजूरी दे दी गयी है। इससे देश में कृषि शिक्षा मे काफी सुधार होगा। वे अहमदनगर के महात्मा फूले कृषि विद्यापीठ, राहूरी में कृषि वैज्ञानिकों और खेती किसानी से लोगों को संबोधित कर रहे थे। कृषि मंत्री ने देश भर के कृषि विश्वविद्यालयों से आग्रह किया कि अपने यहां इसे जल्द से जल्द लागू करें।

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राधा मोहन सिंह ने कहा है कि महाराष्ट्र में पहली बार राज्य कृषि विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की गई उपाधियों को प्रॉफेश्नल उपाधि का दर्जा दिया जा रहा है। अब राज्य कृषि विश्वविद्यालयों में एमेरिटस वैज्ञानिक एवं एमेरिटस प्रोफेसर की संख्या बढ़ा दी गई है, तथा इसकी अवधि को बढ़ाकर 2 से 3 वर्ष कर दिया गया है, एवं परिश्रमिक राशि रु॰ 25,000/- से बढ़ाकर रु॰ 50,000/- प्रतिमाह कर दी गई है ।

 

स्टूडेंट रेडी पाठयक्रम

कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘स्‍टयूडेंट रेडी’ (Rural Entrepreneurship Awareness Development Yojana),वर्ष 2015 में आरंभ किया था, और यह वर्ष 2016-17 से प्रभावी होगा। कृषि स्‍नातकों के बीच व्‍यावहारिक अनुभव तथा उद्यमता कौशल प्राप्‍त करने के लिए अवसर प्रदान करने के लिए यह एक नया कार्यक्रम है। इस योजना के तहत स्नातक विद्यार्थी को रू॰ 3000/- प्रतिमाह छात्रवृति दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रयोगात्‍मक अध्‍ययन का लक्ष्‍य निजी क्षेत्र की अपेक्षानुसार ज्ञान और कौशल को बढ़ाना है और स्‍व-रोजगार हेतु व्‍यवसाय आरंभ करने के लिए अवर स्‍नातक (UG) छात्रों के बीच विश्‍वास और सक्षमता सृजित करना है। इससे व्‍यावहारिक प्रशिक्षण और कौशल विकास में छात्रों को मदद मिलेगी, जो कृषि स्‍नातकों की बढ़ रही संख्‍या के लिए उद्यमशीलता अवसर उपलब्‍ध कराने के लिए काफी महत्‍वपूर्ण है।

उच्च शिक्षा के लिए छात्र​वृति की रकम बढ़ी

छात्रो को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 2016-17 से स्नाकोत्तर छात्रों की राष्ट्रीय प्रतिभा छात्रवृति रू॰ 3000/- प्रतिमाह एवं स्नातक छात्रों को रू॰ 1000/- प्रतिमाह से बढ़ाकर रू॰ 2000/- प्रतिमाह कर दी गई है, कृषि शिक्षा विभाग हर साल स्नातक, स्नाकोत्तर एवं पी.एच.डी. उपाधियों के लिए अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा आयोजित करता है। इस वर्ष 1,06,321 परीक्षार्थी स्नातक एवं 23,727 परीक्षार्थी स्नाकोत्तर परीक्षा मे शामिल हुए। प्रति वर्ष 475 छात्रों एवं छात्राओ को जे.आर.एफ़ एवं 203 छात्रों एवं छात्राओ को एस.आर.एफ़ दिया जाता है, इसकी संख्या को बढ़ाकर 475 से 1000 जे.आर.एफ़ एवं 203 से 500 एस.आर.एफ़ करने पर विचार किया जा रहा है ।

उन्होंने जानकारी दी कि कृषि शिक्षा विभाग ने भारत-अफ्रीका और भारत-अफगानिस्‍तान अध्‍येता वृत्‍त‍ि को शैक्षणिक वर्ष 2010-11 से कार्यान्वित किया। भारत-अफगानिस्‍तान कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 182 प्रत्‍याशियों (67 स्‍नातक की शिक्षा प्राप्‍त करने के लिए और 115 पीएचडी के लिए) ने 38 भारतीय कृषि विश्‍वविद्यालयों में उच्‍च डिग्री कार्यक्रमों में प्रवेश किया है जिनमें से 30 प्रत्‍याशियों ने अपने मास्‍टर कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है। अफगानी प्रत्‍याशियों का अधिक से अधिक पंजीकरण हासिल करने हेतु कार्यक्रम की अवधि को बढ़ाकर 2020-2021 तक कर दिया गया है।

भारत-अफ्रीका कार्यक्रम में कुल 195 प्रत्‍याशियों (119 मास्‍टर डिग्री के लिए और 76 पीएचडी के लिए) ने 35 भारतीय कृषि विश्‍वविद्यालयों में उच्‍च डिग्री कार्यक्रमों में प्रवेश लिया है जिनमें से 108 प्रत्‍याशियों (80 मास्‍टर डिग्री के लिए और 28 पीएचडी के लिए) अपने कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है।

उन्होंने इस अवसर पर बताया कृषि मंत्री ने यह जानकारी भी दी कि कृषि विश्‍वविद्यालयों और विदेशी विश्‍वविद्यालयों दोनों में क्रमश: विदेशी और भारतीय प्रत्‍याशियों के लिए पीएचडी कार्यक्रम हेतु वर्ष 2009-10 में नेताजी सुभाष-भाकृअप अंतर्राष्‍ट्रीय अध्‍येतावृत्‍त‍ि आरंभ की गई है। कुल 85 प्रत्‍याशियों को अध्‍येतावृ‍त्‍त‍ि प्रदान की गई है जिसमें में से 17 भारतीय और मिस्‍त्र के 2 प्रत्‍याशियों ने क्रमश: विदेशी एवं भारतीय कृषि विश्‍वविद्यालयों में पीएचडी पूरी कर ली है।

इस अवसर पर अहमदनगर के सांसद दिलीप कुमार गांधी, शिर्डी के मौजूदा सांसद सदाशिव किसन लोखंडेभी मौजूद थे।

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