सरकार की पूरी तैयारी..हर थाली में होगी दाल की पौष्टिकता

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संतोष कुमार सिंह
 नयी दिल्ली: केंद्र सरकार आम जन की थाली में दाल की मात्रा बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। एक तरफ किसानों को प्रोत्साहित कर दलहन के उत्पादन को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है,वहीं बाजार की कीमतों को नियंत्रण करने और हर व्यक्ति को दाल मिले इसके लिए जरूरत के अनुसार दलहन का आयात भी किया गया है।

pppppk_oसबसे पहले बात करते हैं दलहन के उत्पादन की। केंद्रीय खाद्य एंव उपभोक्ता मामले के मंत्री रामविलास पासवान द्वारा हाल ही में दिए गये एक बयान में कहा गया कि वर्ष 2016-17 में देश में 200 लाख टन दलहन की पैदावार होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि दलहन के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी के अलावा केंद्र सरकार द्वारा अलग से 425 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस घोषित करने के कारण खरीफ में दलहन की रिकार्ड पैदावार होने का अनुमान है। इसी तरह से चालू रबी में दलहन की रिकार्ड बुवाई होने की संभावना है। केंद्र सरकार लगातार दलहन की कीमतों पर नजर रखे हुए हैं, तथा किसान को एमएसपी का लाभ मिलें इसके लिए सार्वजनिक कंपनियों के माध्यम से दलहन की खरीद एमएसपी पर की जा रही है।

mangaइतना ही नहीं केंद्र सरकार ने दलहन उत्पादकराज्यों में भी बढ़ोतरी की है। पहले देश के 14 राज्यों के 158 जिलों को दलहन उत्पादन के लिए चिन्हित किया गया था लेकिन चालू वित्त वर्ष में सरकार ने 16 राज्यों के 467 जिलों में उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया है। इसीलिए सबसे ज्यादा आवंटन दलहनी फसलों के लिए 410 करोड़ रुपये किया गया है।
जरूरत के अनुरूप आयात भी
चालू महीने में करीब 10 से 12 लाख टन दलहन आयात होने का अनुमान है। सूत्रों के अनुसार प्राइवेट आयातकों के साथ ही सार्वजनिक कंपनियों ने दिसंबर-जनवरी की शिपमेंट के सौदे ज्यादा मात्रा में किए है, ऐसे में चालू महीने में घरेलू बाजार में दलहन की कीमतों में गिरावट ही रहने का अनुमान है।

arhu_nपहली दिसंबर को नवा सेवा बंदरगाह पर 536 कंटेनर दलहन के पहुंचे हैं। इसमें से करीब 7 कंटेनर चना के, 49 कंटेनर अरहर के मौजांबिक से तथा 76 कंटेनर अरहर के तंजानिया से आए हैं, इसके अलावा 53 कंटेनर मसूर के और 2 कंटेनर हरी मटर के कनाडा से मुंबई बंदरगाह पर पहुंचे हैं। इसके साथ ही 6 कंटेनर पीली मटर के पहुंचे हैं। जानकारों के अनुसार इस दौरान उड़द का कोई कंटेनर नहीं आया है। आगामी दिनों में पीली मटर, चना के साथ ही मसूर और अरहर का आयात ज्यादा मात्रा में होगा।

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