Poultry Farming: अगर आपके पास समय और बजट है तो पशुपालन से अच्छा कोई कारोबार नहीं हो सकता। पशुपालन से जुड़े बिजनेस कम लागत में भी शुरू किए जा सकते हैं। हमारे देश के कई लोग अच्छी-खासी नौकरी छोड़कर पशुपालन में हाथ आजमा रहे हैं और काफी हद तक सफल भी हो रहे हैं। पशुपालन के कई विकल्प हैं लेकिन आज हम पोल्ट्री फार्मिंग पर चर्चा करने वाले हैं। अगर आप मुर्गी पालन करते हैं या करने की सोच रहे हैं तो सर्दियों से पहले उनके स्वास्थ्य से जुड़ी बातें जान लेने में ही भलाई है। नहीं तो मुर्गियों को सर्दी-जुकाम हो सकता है जिससे उनकी मृत्यु हो सकती है। इससे आपको बिजनेस में घाटा आ सकता है।

मुर्गियों को होती है ये बीमारी
हमारे देश में सर्दी ने दस्तक दे दी है। मौसम बदलते ही कई लोगों को वायरल इंफेक्शन की वजह से सर्दी-जुकाम और गले की समस्या हो जाती है। ठीक इसी तरह सर्दियों में मुर्गियों को भी संक्रामक ब्रोंकाइटिस का खतरा रहता है। ये इंसानों वाली सर्दी जैसी ही होती है इससे पक्षियों को सांस से जुड़ी समस्या होती है साथ ही उनकी आंखों और नाक से पानी बहने की समस्या हो जाती है। ये बीमारी इतनी गंभीर है कि इससे मुर्गियां सुस्त हो जाती हैं और कई बार उनकी मृत्यु भी हो जाती है।
सर्दी से बचाने के उपाय
मुर्गियों को सर्दी-जुकाम या ठंड के दिनों में होने वाले किसी भी तरह के संक्रमण से बचाने के लिए उनके रखरखाव का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। उनके पिंजरे या जहां भी उन्हें रखा जाता है। वहों उसकी सतह जमीन से कम से कम दो फीट ऊपर हो अगर ऐसा संभव नहीं है तो फिर मिट्टी के फर्श में धान के पुआल बिछाएं उसी के ऊपर पक्षियों को रखें इसके साथ ही उनके शेड में 100 वाट वाले बल्ब जलाएं इससे गर्म रोशनी निकलती है जिससे पक्षियों को भी गर्मी मिलती है।
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इन बातों का रखे ध्यान
मुर्गियों को संक्रमण से बचाने के लिए रानीखेत का टीका लगवाएं मुर्गियों की इम्यूनिटी काफी कमजोर होती है इसलिए इनके खानपान के खास ध्यान रखने की जरूरत होती है मुर्गियों के खाने में 20 फीसदी प्रोटीन जरूर होना चाहिए इसलिए इन्हें गेहूं, बाजरा या ज्वार का आटा खिलाना चाहिए। मुर्गियों को खिलाने के लिए बाजार में चिकन फीड मिलता है जो कि इन्हें जरूर खिलाएं इन सबके साथ-साथ पक्षियों को ताजे और स्वच्छ पानी पिलाना चाहिए पक्षियों को बासी या गंदा पानी देने से वे बीमार हो जाती हैं।
शेड के बाहर बनाएं खाली जगह
मुर्गियों को रखने वाली जगह के अलावा उनके घूमने के लिए खुली जगह रखना भी बहुत जरूरी होता है इससे मुर्गियां अधिक स्वस्थ रहती हैं और उनमें चंचलता बनी रहती है जिससे उनकी ग्रोथ भी तेजी से होती है इन सब के अलावा संक्रमित और बीमार मुर्गियों को रखने के लिए मेन शेड से अलग एक दूसरा शेड होना चाहिए संक्रमित मुर्गियों को स्वस्थ मुर्गियों के साथ ना रखें।
