पशुपालक रहें सतर्क, बदलते मौसम में ऐसे करें पशुओं की खास देखभाल

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Dairy Animal: पशुओं को तनाव देने वाले मौसम की शुरुआत हो चुकी है वैसे तो गर्मियों का मौसम भी पशुओं को तनाव देता है। लेकिन ये मौसम कई मायनों में पशुओं और पशुपालकों के लिए बहुत खास माना जाता है इस मौसम में पशुओं का उत्पादन तो बढ़ता ही है साथ में री-प्रोडक्शन भी होता है। और एक बड़ी बात ये कि इस दौरान पशुओं की खरीद-फरोख्त भी खूब होती है। लेकिन एनिमल एक्सपर्ट की मानें तो ये वो मौसम भी है जब कई तरह की बीमारियां गाय-भैंस को हो जाती है कुछ मौसमी बीमारियां तो पशुओं के लिए जानलेवा तक हो जाती हैं।

वर्षा वर्मा

पशुपालक को इसका खामियाजा आर्थिक नुकसान के रूप में उठाना पड़ता है दूध उत्पादन कम होने के साथ ही दवाईयों का खर्च बढ़ जाता है। लेकिन कुछ ऐहतियाती कदम उठा लिए जाएं तो आर्थिक नुकसान से बचने के साथ ही पशुओं को हेल्दी भी रख सकते हैं बदलते मौसम में पशुओं की खास देखभाल के लिए ये जरूरी है कि उन्हें हरा चारा देने के तरीके, मिनरल्स में किन चीजों को शामिल करना है। पीने का पानी कैसे और कब देना है साथ ही दिनभर की खुराक कितनी बार और किस वक्त पर देनी है इसका प्लान बना लिया जाए।

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ऐसे करें पशुओं की देखभाल
सर्दियों की शुरुआत हो चुकी है इसलिए पशुओं को सर्दी से बचाने का इंतजाम कर लें। इस मौसम में ज्यादातर गाय-भैंस हीट में आती हैं। पशु को गाभिन जरूर कराएंं। भैंस को मुर्राह नस्ल के नर से या नजदीकी केन्द्र पर कृत्रिम गर्भाधान कराएंं। बच्चा देने के 60-70 दिन बाद पशु दोबारा हीट में ना आए तो जांच कराएं। पशु शेड को बाहरी कीड़ों से बचाने के लिए दवाई का छिड़काव करें। पशुओं को पेट के कीड़ों से बचाने के लिए डॉक्टर की सलाह से दवाई दें। साथ ही गाय-भैंस को हीट में लाने के लिए मिनरल मिक्चर खिलाएं और गाय-भैंस को थैनेला रोग से बचाने के लिए डाक्टर की सलाह लें।

बछड़े को बैल बनाने के लिए छह महीने की उम्र पर उसे बधिया करा दें ज्यादा हरा चारा लेने के लिए बरसीम बीएल 10, बीएल 22 और बीएल 42 लगाएं। बरसीम के साथ सरसों की चाइनीज कैबिज या जई मिलाकर भी बिजाई कर सकते हैं। बरसीम के साथ राई मिलाकर बिजाई करने से चारे की पौष्टिकता-उपज दोनों ही बढ़ती होती हैं। बरसीम की बिजाई नए खेत में कर रहे हैं तो पहले राइजोबियम कल्चर उपचारित जरूर कर लें। जई और बरसीम की बिजाई के लिए अक्टू‍बर का वक्त ज्यादा अच्छा माना जाता है और जई का ज्यादा चारा लेने के लिए ओएस 6, ओएल 9 और कैन्ट की बिजाई करें।

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