फूलगोभी की अगैती खेती से बढ़ेगी किसानों की आमदनी

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अमितेश सिंह 

गाजीपुर: कृषि वैज्ञानिक समय—समय पर किसानों को फसलों की जानकारी देते रहते हैं। इससे लाभान्वित होकर हमारे किसान भाई फसल उत्पादन करते हैं और राष्ट्र की समृद्धि में योगदान देते हैं। इसी कड़ी में कृषि विज्ञान केन्द्र, पी0जी0 कालेज, गाजीपुर में एक दिवसीय ‘‘अगेती फूलगोभी की खेती’’ प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण के दौरान गाजीपुर के उद्यान वैज्ञानिक डाॅ0 विनोद कुमार सिंह ने सब्जी के दैनिक जीवन में महत्व व उपयोग तथा उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि 300 ग्राम सब्जी प्रतिदिन एक स्वस्थ्य मनुष्य को चाहिए, जिससे वह स्वस्थ रह सके। परन्तु अभी यह लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है, जिस हेतु किसानों को उत्पादन के सम्पूर्ण आयाम जैसे-बीज, बीजशोधन, नर्सरी, प्रबंधन व गुणवत्तायुक्त उत्पादन के लाभ एवं अधिक आमदनी के बारे में विस्तारपूर्वक बताया और कहा कि सब्जी नगदी फसल के रूप में स्थापित है। किसान भाई अगेती व अन्तराल पर बाजार को देखते हुए फूलगोभी की खेती करते हैं तो अधिक आमदनी प्राप्त होती है।

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किसानों को सब्जियों का सम्पूर्ण बीज व नर्सरी कृषि विज्ञान केन्द्र के द्वारा भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी से प्रयास करके उपलब्ध कराया जायेगा। ताकि किसानों को उच्च कोटि का बीज व नर्सरी मिल सके। अभी जायद में जनपद के 200 किसानों को काशी गंगा, काशी कंचन, काशी हरित, काशी संदेश, काशी क्रान्ति सब्जियों का बीज निःशुल्क उपलब्ध कराया गया था। समय-समय पर समसामयिक जानकारियां किसानों को एस0एम0एस0 माध्यम द्वारा, दैनिक समाचार-पत्रों व पत्रिकाओं के माध्यम से उद्यान विज्ञान द्वारा बताया जाता है। ताकि आने वाली समस्याओं से किसान जागरूक हो सकें व गुणवत्तायुक्त उत्पादन करें, साथ ही साथ डाॅ0 सिंह ने बताया कि आर्गेनिक खेती करके किसान भाई और अधिक धन अर्जित कर सकते हैं, क्योंकि उनका मूल्य आम सब्जी से अधिक होता है। एक हेक्टेयर खेत से, फूलगोभी पैदा करके किसान 4 से 5 लाख रूपये प्राप्त कर सकता है क्योंकि एक हेक्टेयर खेत में 40 हजार पौधे लगते हैं। एक फूल औसत डेढ़ से दो किलोग्राम का होता है। इस तरह प्रति हेक्टेयर उत्पादन 500 से 600 क्विंटल/हेक्टेयर का होता है। सूर्य के प्रकाश से भूमि शोधन के बारे में किसानों को जागरूक कर व्यावहारिक उपयोग में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

इस अवसर पर मृदा वैज्ञानिक डा डी के सिंह ने मिट्टी की जाँच को खेती का एक आवश्यक आयाम बताया कहा कि यह जाँच सूक्ष्म तत्व से लेकर मुख्य तत्व तक कृषि विज्ञान केन्द्र पर निःशुल्क उपलब्ध है, जिसका लाभ किसान भाई अवश्य उठायें।

 

 

 

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