उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव के पहले चरण का चुनाव प्रचार मंगलवार की शाम थम गया. सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी दलों ने शहरों में अपनी ताकत दिखाकर चुनाव को अपने पक्ष में करने की कोशिश की और एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए. उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले इस माह दो चरणों में होने वाले नगर निकाय चुनावों को शहरी मतदाताओं के बीच राजनीतिक दलों के असर के आकलन की कसौटी माना जा रहा है. निर्वाचन आयोग के मुताबिक यूपी में दो चरणों में चार मई और 11 मई को नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान होगा और 13 मई को मतगणना होगी. महापौर और पार्षद पद के लिए मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से होगा, जबकि बाकी पदों के लिए मतदान बैलेट पेपर से होगा. राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार ने बताया कि पहले चरण में चार मई को सहारनपुर, मुरादाबाद, आगरा, झांसी, प्रयागराज, लखनऊ, देवीपाटन, गोरखपुर और वाराणसी मंडल के 37 जिलों के 2.40 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे.
उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव (UP Nikay Chunav 2023) के पहले चरण का चुनाव प्रचार मंगलवार की शाम थम गया. सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी दलों ने शहरों में अपनी ताकत दिखाकर चुनाव को अपने पक्ष में करने की कोशिश की और एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए. उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले इस माह दो चरणों में होने वाले नगर निकाय चुनावों को शहरी मतदाताओं के बीच राजनीतिक दलों के असर के आकलन की कसौटी माना जा रहा है.
निर्वाचन आयोग के मुताबिक यूपी में दो चरणों में चार मई और 11 मई को नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान होगा और 13 मई को मतगणना होगी. महापौर और पार्षद पद के लिए मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से होगा, जबकि बाकी पदों के लिए मतदान बैलेट पेपर से होगा. राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार ने बताया कि पहले चरण में चार मई को सहारनपुर, मुरादाबाद, आगरा, झांसी, प्रयागराज, लखनऊ, देवीपाटन, गोरखपुर और वाराणसी मंडल के 37 जिलों के 2.40 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे.
मायावती ने सोशल मीडिया के जरिये अपील की
बसपा प्रमुख मायावती खुद तो निकाय चुनाव प्रचार करने के लिए नहीं निकलीं, लेकिन सोशल मीडिया के जरिये अपने उम्मीदवारों के पक्ष में अपील की. उन्होंने भाजपा, सपा और कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया. इस चुनाव में कांग्रेस संगठन के प्रदेश पदाधिकारियों ने अपनी ताकत लगायी. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल और संगठन के प्रदेश पदाधिकारियों ने चुनाव प्रचार किया. उधर, समाजवादी पार्टी (सपा) गठबंधन में साझीदार राष्ट्रीय लोकदल ने पश्चिमी उप्र में अपनी सक्रियता बनाये रखी. सत्तारूढ़ भाजपा की सहयोगी अपना दल (एस), निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद) ने भी अपने उम्मीदवार और भाजपा उम्मीदवारों को चुनाव जिताने के लिए प्रचार किया.
चुनाव के लिए सुरक्षा व्यवस्था के बारे में विस्तार से बताते हुए विशेष पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव के पहले चरण के लिए 19,880 निरीक्षक-उपनिरीक्षक, 101477 मुख्य आरक्षी-आरक्षी, 47985 होमगार्ड, पीएसी की 86 कंपनियां, सीएपीएफ की 35 कंपनियां और 7,500 प्रशिक्षण ले रहे उप निरीक्षक तैनात किए जाएंगे.
