
भोपाल: मध्य प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर चलाई जा रही लाडली बहना योजना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आगामी रक्षाबंधन त्योहार के मद्देनजर लाडली बहनों को 250 रुपये अतिरिक्त राशि उनके खाते में भेजी जाएगी। वर्तमान में लाडली बहनों के खाते में हर महीने 1250 रुपये डीबीटी के माध्यम से भेजे जाते हैं। यानी रक्षाबंधन पर उन्हें 1500 रुपये मिलेंगे। सीएम यादव ने यह घोषणा सोमवार को रायसेन जिले के बरेली में एक कार्यक्रम के दौरान की, इस दौरान उन्होंने बरेली में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।
25वीं किस्त की राशि की ट्रांसफर
सीएम ने कहा कि योजना की तय राशि 1250 रूपये के अलावा 250 रुपये रक्षाबंधन पर उपहार के तौर पर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सबके सहयोग से अगले पांच साल में हम मध्यप्रदेश की तस्वीर बदल देंगे। इससे पहले सीएम ने राज्य की 1 करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के खातों में योजना की जून माह की 1250 रुपये की किस्त के रूप में कुल 1551 करोड़ 44 लाख रुपये ट्रांसफर किए। यह योजना की 25वीं किस्त थी। पिछले महीने ही योजना को दो साल पूरे हुए थे। अब जुलाई माह में 26वीं किस्त और अगस्त में 27वीं किस्त आनी है।
ये भी पढ़े…
बरसात में टमाटर की खेती, 3 आसान टिप्स से पाएं बंपर पैदावार और ज़बरदस्त मुनाफा
बोनस राशि कब मिलेगी?
हालांकि, सीएम ने यह साफ किया कि अगले महीने लाडली बहनों को 1250 रुपये मिलेंगे और इसके अलावा रक्षाबंधन की बोनस राशि के 250 रुपये भी भेजे जाएंगे। मालूम हो कि योजना की राशि हर महीने की 16 तारीख को लाडली बहनों के खाते में भेजी जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाडली बहनों की जिंदगी को बेहतर बनाने के उद्येश्य से राज्य सरकार हर महीने साढ़े पंद्रह सौ करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि उनके खातों में भेजती है।
डेढ़ साल में ट्रांसफर किए 30 हजार
सीएम ने कहा कि पिछले डेढ़ साल में लाडली बहनों के खाते में 30 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि बहनों को दी जा चुकी है। इस दौरान सीएम ने यादव ने 56 लाख 68 हजार सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के खातों में 341 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। वहीं, 27 लाख से अधिक बहनों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सिलेंडर रिफिलिंग के लिए मिलने वाली सब्सिडी के रूप में 39.14 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इसके अलावा मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना के तहत 6 हजार 821 श्रमिक परिवारों को 150 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि भी ट्रांसफर की।

