बस्तर का गौरव ब्राज़ील में, डॉक्टर राजाराम त्रिपाठी बने भारत की आवाज

0
234

रायपुर: भारत और ब्राज़ील के 75 वर्षों के प्रगाढ़ कूटनीतिक संबंधों के उपलक्ष्य में ब्राज़ील सरकार द्वारा कृषि और संबद्ध क्षेत्रों पर एक महत्वपूर्ण अध्ययन दौरे का आयोजन किया गया है। इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सहयोग और व्यापार के नए अवसरों की पहचान करना और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है। इस यात्रा में भारत के सबसे प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों में से एक डॉ. राजाराम त्रिपाठी देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।

वर्षा वर्मा

कौन हैं डॉ.राजाराम त्रिपाठी
डॉ. राजाराम त्रिपाठी भारतीय कृषि जगत के सबसे प्रेरणादायक चेहरों में से एक हैं। वे देश के सर्वश्रेष्ठ किसान होने का रिकॉर्ड पांच बार राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुके हैं और उन्हें भारत का सर्वश्रेष्ठ निर्यातक होने का भी सम्मान प्राप्त है। MFOI -2023 का सर्वोच्च सम्मान ‘रिचेस्ट फार्मर ऑफ इंडिया अवार्ड’ भी डॉक्टर त्रिपाठी को प्रदान किया गया है। लेकिन उनकी कहानी केवल पुरस्कारों और उपलब्धियों तक सीमित नहीं है यह संघर्ष संकल्प और कड़ी मेहनत का प्रतीक है। डॉ. त्रिपाठी का जन्म छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल और पिछड़े बस्तर क्षेत्र के एक छोटे से गांव ककनार में हुआ। बेहद दुर्गम और सीमित संसाधनों वाले इस क्षेत्र में पले-बढ़े डॉ. त्रिपाठी ने अपने सपनों को पंख देने का साहसिक निर्णय लिया। एक प्रतिष्ठित बैंक अधिकारी के पद को ठुकराकर उन्होंने खेती को अपनाया और अपनी जन्मभूमि बस्तर को ही अपनी कर्मभूमि बनाया। उनके इस अद्वितीय योगदान से न केवल बस्तर बल्कि पूरा छत्तीसगढ़ उनकी उपलब्धियों से विशेष रूप से गौरवान्वित हुआ है। उनकी शैक्षणिक उपलब्धियाँ भी उतनी ही प्रेरणादायक हैं। उन्होंने पांच विषयों में एम.ए., एलएलबी, और तीन-तीन पीएचडी की उपाधि हासिल कर यह सिद्ध किया कि ज्ञान और मेहनत से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उन्हें देश के सबसे पढ़े-लिखे किसान के रूप में पहचाना जाता है।

दौरे का उद्देश्य
डॉ. त्रिपाठी को इस दौरे के लिए चुना जाना न केवल उनकी उपलब्धियों का सम्मान है। बल्कि भारतीय किसानों के बीच उनके नेतृत्व और प्रेरणादायक भूमिका को भी दर्शाता है। ब्राज़ील में ब्राज़ीलियाई कृषि विशेषज्ञों संस्थानों उच्चाधिकारियों और किसानों के साथ ज्ञान और अनुभव साझा करेंगे। ब्राज़ील की उन्नत कृषि तकनीकों और सतत कृषि पद्धतियों को समझकर वे भारतीय किसानों के लिए नए अवसर और संभावनाएं तलाशने की दिशा में कार्य करेंगे।

ये भी पढ़े…

बस्तर का मां दंतेश्वरी हर्बल समूह का पैशन-फ्रूट जूस देगा यूरोप और अमेरिका में दस्तक…

दौरे की विशेषताएँ
दो हफ्ते के इस अध्ययन दौरे में डॉ. त्रिपाठी के साथ भारत के जाने-माने पत्रकार भी शामिल होंगे:
श्री जी. चंद्रशेखर, बिजनेस लाइन श्रीमती मनीषा गुप्ता, CNBC और TV18 श्री संदीप दास, फाइनेंशियल एक्सप्रेस श्री एम.सी. डोमिनिक, कृषि-जागरण समूह, श्रीमती रत्नम्मा गुंडमंथथा, महिला किसान (MFOI) पुरस्कार विजेता। ब्राज़ील के इस दौरे के दौरान, डॉ. त्रिपाठी न केवल कृषि क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को प्रोत्साहित करेंगे बल्कि भारतीय कृषि की ताकत और संभावनाओं का प्रतिनिधित्व भी करेंगे।

भारतीय कृषि के लिए संभावनाएँ
डॉ. त्रिपाठी ने अपने तीन दशक लंबे करियर में भारतीय किसानों के लिए सतत और लाभकारी कृषि मॉडल स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ब्राज़ील की तकनीकों और नीतियों का अध्ययन कर वे भारतीय कृषि में नवाचार और समृद्धि लाने का प्रयास करेंगे। डॉ. राजाराम त्रिपाठी जैसे व्यक्तित्व, जो शिक्षा, नवाचार, और व्यावसायिक उपलब्धियों में अग्रणी हैं। वे भारतीय कृषि की नई दिशा को परिभाषित कर रहे हैं। उनका ब्राज़ील दौरा न केवल उनके लिए एक सम्मानजनक अवसर है। बल्कि भारत और ब्राज़ील के बीच मजबूत और स्थायी साझेदारी की नींव भी है। यह यात्रा भारतीय कृषि के लिए एक नई राह खोलने का वादा करती है। और डॉ. त्रिपाठी जैसे अद्वितीय व्यक्तित्व इस पहल के केंद्र में हैं। उनके अनुभव और दृष्टिकोण भारतीय किसानों को वैश्विक मंच पर सशक्त बनाएंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here