
नई दिल्ली: बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान, भारत सरकार द्वारा आयोजित बासमती बीज वितरण मेला एवं किसान गोष्ठी का आयोजन सोमवार को प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण फार्म पर किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को उन्नत किस्म के बासमती बीज उपलब्ध कराना और उन्हें नवीनतम कृषि तकनीकों से अवगत कराना रहा। कार्यक्रम का उद्घाटन भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. सुनील तिवारी, उपनिदेशक कृषि डॉ. नीलेश चौरसिया, और संयुक्त निदेशक डॉ. रितेश शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
रात 12 बजे से किसान थे इकट्ठा
कार्यक्रम के शुभारंभ के बाद अतिथियों की तरफ से किसानों को बासमती बीज वितरित किए गए। उन्होंने यह जानकर हैरानी भी जताई कि रात 12:00 बजे से ही किसान बीज लेने के लिए पहुंचे थे और बीज लेने का इंतजार कर रहे थे। अलीगढ़ के किसान अनिश पहले पहुंचने वाले किसान थे जिनको जागरूकता के लिए सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में आए चीफ गेस्ट को बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान के बीज की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को भी परखा।
देश के अलग-अलग राज्यों से किसान यहां पर बीज लेने के लिए पहुंचे थे। सुबह 6:00 बजे 200 से ज्यादा किसान (बीईडीएफ) के फार्म पर बीज लेने के लिए पहुंच चुके थे। डॉक्टर सुनील तिवारी ने किसान गोष्ठी में बताया कि बासमती के बीज की इतनी जबरदस्त मांग यह बताने के लिए काफी है कि आज का किसान जागरूक है। अच्छे बीज के लिए कितनी भी दूर जा सकता है।
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किसानों को मिली ट्रेनिंग
डॉ रितेश शर्मा ने कहा कि बासमती निर्यात विकास प्रतिष्ठान किसानों को उच्च गुणवत्ता युक्त बीज देने के साथ ही निर्यात योग्य बासमती उत्पादन के लिए लगातार ट्रेनिंग देता रहता है। इसके साथ ही देश में बासमती को निर्यात बढ़ाने में जिस प्रकार से बीईडीएफ से ट्रेनिंग लेकर किसानों ने उच्च गुणवत्ता की चावल की फसल तैयार की है। इससे देश में विदेशी मुद्रा का भंडार बड़ा है और साथ ही किसानों की आय में वृद्धि हुई है जिससे उनका जीवन स्तर ऊंचा हुआ है।
जैविक और प्राकृतिक खेती पर जोर
वहीं डॉक्टर नितेश चौरसिया, उपनिदेशक कृषि मेरठ ने कहा कि किसान अब अपना खुद का बीज तैयार कर सकते हैं। ठीक उसी तरह से जिस तरह से एपीडा से ट्रेनिंग लेकर बहुत से किसान कर रहे हैं। इसके साथ ही किसानों का रसायनों के सही प्रयोग करने की सलाह दी। जैविक और प्राकृतिक खेती को अपनाने के लिए जोर दिया। कार्यक्रम में दूर दराज से आए किसानों ने यहां की व्यवस्था खास तौर से सभी किसानों के लिए पूर्ण भोजन की व्यवस्था और गोष्ठी में दिए गए ज्ञान को अत्यधिक सराहा।
70 लाख रुपये के बीज बिके
सोमवार को बीज लेने के लिए सात राज्यों से करीब 1000 किसान पहुंचे थे। इन किसानों को करीब 700 क्विंटल बीज मुहैया कराए गए। इससे करीब 70 लाख रुपए के बीज किसानों को उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही किसानों ने अधिक बीज पैदा करने की सलाह भी दी। इससे सभी किसानों को उनकी मांग के अनुसार भरपूर बीज मिल सके। कार्यक्रम में वैज्ञानिक डॉ प्रमोद कुमार तोमर, नेत्रपाल शर्मा के साथ ही कुछ और वैज्ञानिकों ने किसानों को ट्रेनिंग भी दी।

