मीनाक्षी पाल
Balaghat News: बालाघाट की महिलाएं आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूह से जुड़ी है। आजीविका मिशन ने इस क्षेत्र में महिलाओं के लिए रोजगार के नए-नए अवसरों का सृजन किया है। जिससे वह अपनी आजीविका चलाती है। स्व-सहायता समूह के सहयोग से महिलाएं किराना दुकान, सिलाई, मछली पालन, सब्जी उत्पादन जैसे रोजगार प्राप्त कर रही हैं। अब यहां कि महिलाएं मनुगा के साथ फलों की खेती करेंगी। इस साल 10 साल तहसीलों में ढाई लाख मनुगा और 60 हजार फलदार वृक्ष के पौधे लगाए जाएंगे। इससे महिलाओं को अच्छी आय प्राप्त होगी, ओडीसी तीन मुनगा छह माह बाद फल देने लगता है। यही कारण है कि मुनगा की खेती हर साल बढ़ने लगी है।
जिले भर में लगभग 15 हजार समूह हैं जिसमें एक लाख 83 हजार समूह सदस्य जुड़े हैं। इन समूह में महिलाएं किराना दुकान, मछली पालन, सब्जी उत्पादन, अगरबत्ती, रोड रोलर, सिलाई सहित अन्य कार्य कर अच्छी आय प्राप्त कर रही हैं। वर्ष 2022 में बालाघाट, लालबर्रा, कटंगी, वारासिवनी, खैरलांजी, परसाड़ा, बिरसा, बैहर, किरनापुर, लांजी में सवा चार लाख मनुगा और फलदार वृक्ष के पौधे 610 एकड़ में लगाए हैं। इस साल भी मुनगा और फलदार पौधों में आम, आंवला, अमरूद, जामुन के पौधे लगाए जाने हैं।
अच्छी आय के लिए उगाएं नकदी फसलें
बदलते परिवेश में परंपरागत खेती से अलग नकदी फसलों को उगाकर अच्छी आय अर्जित की जा सकती है। आजकल लोग मुनगा की खेती पर अधिक बल दे रहे है। मुनगा की खेती बंजर जमीन पर की जा सकती है। यह एक मेडिसिनल प्लांट है। कम लागत में तैयार होने वाली मनुगा फसल की खासियत यह है कि एक बार बुवाई के बाद चार साल तक बुवाई नहीं करनी पड़ती, सिर्फ मुनाफा कमाना होता हैं।
ऐसे करें रोपाई
मनुगा के बीजों की सीधे खेतों में रोपाई या फिर नर्सरी में पौधे तैयार करके भी की जा सकती है। खेतों में पौधों की रोपाई जुलाई से सितंबर के बीच करनी चाहिए। वर्षा के मौसम में पौधे तेजी से बढ़ते हैं और सिंचाई की जरुरत भी नहीं होती। नर्सरी में एक पालीथिन बैग में मुनगा के दो-तीन बीज रोपना चाहिए। 10 से 12 दिनों में ये बीज अंकुरित हो जाते हैं और जब पौधे डेढ़ दो फिट हो जाए तब इन्हें खेत में लगाना चाहिए।
फलदार पौधे मददगार साबित हो पाएंगे
लघु उद्यमिका विकास के जिला प्रबंधकमुकेश बिसेन कहते है कि मनुगा एक फलदार पौधा है, जिसका बालाघाट में 60 रुपये तक मूल्य मिल जाता है। यदि समूह की महिलाएं आगामी समय में पौधा लगाने के बाद अच्छे से रक्षा करके बढ़ा करते है तो आने वाले समय में उनकी बढ़ाने में सहायक होंगे। इसी तहर फलदार पौधे भी आगामी समय में मददगार साबित हो पाएंगे। जिले भर में ढाई लाख मुनगे के लगाए जाएंग। प्रत्येक तहसील में 25-25 हजार लगेंगे। फलदार पौधों का 60 हजार लक्ष्य। प्रत्येक तहसील में छह-छह हजार लगेंगे। मुनगा व फलदार पौधे लगाने से मिलेगी आया। सावंगी नर्सरी 50 हजार मुनगा के पौधे होंगे तैयार। छिंदवाड़ा से लाए जाएंगे मुनगा के बीज।


