पटनाः बिहार में सियासी उलटफेर की खबरों के बीच इन खबरों को भी तरजीह मिल रही है कि सियासत का उट किस करवट बैठेगा इसको लेकर अभी स्थिती साफ नहीं है। चच्चा भतीजा में चल रहा है शह मात का खेल,गठबंधन की राजनीति का ये कैसा खेल जनता समझ नहीं पा रही है। बावजूद इसके यह तय हो गया है कि राजद और जदयू का गठबंधन टूट के करीब है। इस बीच बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव ने यह कहते हुए चौंका दिया है कि वह आसानी से तख्तापलट नहीं होने देंगे।

तेजस्वी के इस बयान के मायने निकाले जा रहे हैं और खबर ये है कि नीतीश के दल के कुछ विधायकों ने बगावती तेवर अख्तियार कर लिया है। एक तरफ नीतीश भाजपा के साथ जाने की तैयारी कर चुके हैं वहीं राजद सुप्रीमो लालू यादव ने भी प्लान बी पर काम करना शुरू कर दिया है तभी तेजस्वी यादव ये कह रहे हैं कि आसानी से तख्तापलट नहीं होने देंगे।
दरअसल पटना में जदयू भाजपा और राजद के विधायकों की बैठक होनी है। हर हाल में दोपहर तक सभी पार्टी के विधायकों को पटना पहुंचने का आदेश दिया गया है। सूत्रों के अनुसार जदयू के 12 से 14 विधायक कहां है या किसी को पता नहीं चल रहा है। अब तक की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अपने विधायकों से फोन के माध्यम से संपर्क नहीं साध पा रहे हैं। बड़ी बात यह है कि जदयू के ये विधायक कहां हैं किसी को पता नहीं है। न तो उनका नीतीश कुमार से संपर्क हो पा रहा है और न ही नीतीश कुमार उनसे संपर्क कर पा रहे हैं।
सबके अपने-अपने प्लान, कार्यकर्ता हैरान
कहा जा रहा है कि जब राजद से नाता तोड़ने के बाद नीतीश कुमार भाजपा के सहयोग से मुख्यमंत्री बनेंगे और विश्वास प्रस्ताव लेकर आएंगे तो उसी दौरान खेला होगा और जेडीयू के कुछ विधायक अनुपस्थित हो सकते हैं। दावा तो 16 विधायक का किया जा रहा है कि ये इस्तिफा दे सकते हैं और लालू यादव इन्हें विधायक से सांसद बनाने या अन्य जगहों पर एडजस्ट करने के प्लान पर काम क कर रहे हैं। ऐसे मेंर बिहार विधानसभा का संख्या बल 243 से घटकर 227 पर आ जाएगा और फिर नीतीश कुमार की सरकार गिर जायें। तभी तेजस्वी यादव ये दावा कर रहे हैं कि हम बिहार में आसानी से सत्ता पलट नहीं होने देंगे और ना ही आसानी से दोबारा नीतीश कुमार की पुनः सत्तासीन होने देंगे। हमारे पास बहुमत है और हम राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा प्रस्तुत करेंगे हम बिहार की सबसे बड़ी पार्टी है।
लेकिन केवल लालू और तेजस्वी ही खेला कर रहे हों ऐसा नहीं है। खेल दूसरी तरफ से भी चल रहा है और जब नीतीश कुमार ने पाला बदलने का मन बना ही लिया है तो उन्हें भाजपा का भी पूरा साथ मिल रहा है। सूत्रों की माने तो नीतीश कुमार ने भी राजद के छह विधायकों को मंत्री बनाने का ऑफर दिया है। साथ ही कांग्रेस का भी एक धड़ा टूटने को तैयार है और वो बिसात कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रहे और वर्तमान नीतीश के करीबी और बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी बिसात बिछा रहे हैं। संकेत है कि इसी बिसात के तहत पूर्णिया में होने वाली कांग्रेस के बैठक में 19 में 6 विधायक पहुंचे। कहा जा रहा है कि ये सभी अशोक चौधरी के संपर्क में हैं और लालू के प्लान बी पर नीतीश का प्लान ए भारी पड़ सकता है और नीतीश कुमार एक बार फिर से बिहार के मुख्यमंत्री बन सकते हैं भले ही साथी राजद के बजाय भाजपा होगी।
