
नई दिल्ली: किसानों के लिये खेती जितनी फायदेमंद होती है शायद कोई व्यापार इतना फायदेमंद नहीं हो सकता है। भारत वैसे भी कृषि प्रधान देश है। भारत में साल के हर माह में किसी ना किसी सब्जी या फल की खेती होती रहती है। ऐसे में किसानों की कोशिश होती है कि कोई भी खेती हो पर मुनाफा भी अच्छा हो। आईये आपको बताते हैं कि अगस्त में किन-किन सब्जीयों की खेती करनी चाहीए जिनसे आपको अच्छी कमाई हो सकती है।
सबसे पहले आती है टमाटर की खेती। टमाटर की खेती काफी अच्छी मानी जाती है। टमाटर की उन्नतशील किस्मों में पूसा शीतल, पूसा-120, पूसा रूबी, पूसा गौरव, अर्का विकास, अर्का सौरभ और सोनाली की बुवाई कर सकते हैं। इसके अलावा टमाटर की हाइब्रिड किस्में भी है जिसमें पूसा हाइब्रिड-1, पूसा हाइब्रिड-2, पूसा हाईब्रिड-4, रश्मि और अविनाश-2 आदि की बुवाई करके किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। टमाटर की फसल 65 से 70 दिन में तैयार हो जाती है। यदि बात की जाए टमाटर की खेती से लाभ की तो एक अनुमान के मुताबिक एक हैक्टेयर में टमाटर की 800-1200 क्विंटल तक की पैदावार की जा सकती है।
इस माह गोभी की खेती की जा सकती है। गोभी में आप फूल गोभी या पत्तागोभी की खेती कर सकते हैं। इसके भाव भी बाजार में अच्छे मिल जाते हैं। फूलगोभी की उन्नत किस्मों में आप अगेती किस्मों में अर्ली कुंआरी, पूसा कतिकी, पूसा दीपाली, समर किंग, पावस, इम्प्रूब्ड जापानी की बुवाई कर सकते हैं। वहीं यदि पत्ता गोभी की खेती करना चाहते हैं तो इसके लिए आप इसकी पूसा मुक्ता, गोल्डन एकर, पूसा ड्रमहेड, गंगा, के-1, प्राइड ऑफ मार्केट जैसी उन्नतशील किस्मों की बुवाई कर सकते हैं। इसकी फसल 70 से 80 दिन में तैयार हो जाती है।
भिंडी एक ऐसी सब्जी है जिसके भाव मार्केट में बेहतर मिल जाते हैं। इसके भावों में अधिक उतार-चढ़ाव नहीं होता है। ऐसे में भिंड़ी की खेती से भी आप काफी अच्छा पैसा कमा सकते हैं। भिंडी की खेती भी आप इस माह अगस्त में कर सकते हैं। इसकी खेती के लिए इसकी उन्नतशील किस्मों में पूसा ए-4, पंजाब-7, पंजाब-8, परभणी क्रांति, हिसार उन्नत, आजाद क्रांति, अर्का अनामिका, वर्षा उपहार, जैसी किस्मों की बुवाई की जा सकती है।
अगस्त माह मूली की खेती के लिए भी अच्छा होता है। इस माह आप मूली की उन्नत किस्में पूसा हिमानी, पंजाब पसंद, जापानी सफेद, पूसा रेशमी, रैपिड रेड व्हाईट टिपड जैसी अधिक पैदावार देने वाली किस्मों की बुवाई कर सकते हैं। मूली की फसल 50 से 60 दिन में पककर तैयार हो जाती है। एक हैक्टेयर में मूली की खेती से 250 क्विंटल तक की पैदावार प्राप्त की जा सकती है।
अगस्त के महीने में आप पालक की खेती कर सकते हैं। पालक की मांग भी बाजार में काफी रहती है। इसकी फसल 30 दिन के अंदर तैयार हो जाती है। बरसात के मौसम में मेड विधि से पालक की खेती की जाती है। इससे पालक की फसल पर पानी का असर नहीं होता है। पालक की खेती के लिए आप इसकी उन्नतशील किस्में जोबनेर ग्रीन, ऑल ग्रीन, पंजाब ग्रीन, पूसा ज्योति, पूसा हरित आदि किस्मों की बुवाई कर सकते हैं।

