सीएससी की तरह विकसित कि‍ए जाएंगे बिहार के 8463 पैक्स

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पटना। बिहार के किसान अब पैक्स (प्राथमिक कृषि साख समिति) में ई-केवाईसी करा सकेंगे। यह सुविधा कंप्यूटरीकृत किए जा रहे सभी 8, 463 पैक्स में मिलेगी। पैक्सों को अब सामान्य सेवा केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। इन सेवा केंद्रों से 300 से अधिक सेवाएं ग्रामीणों को मिल सकेंगी। इसके लिए काम तेज हो गया है, जिसके तहत अब किसानों की राह पैक्स आसान बनाएगी। किसान और अन्य ग्रामीण जल्द ही पैक्स के माध्यम से बैंकिंग, पीएम किसान ई केवाईसी जैसी सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। पैक्स को सामान्‍य सेवा केंद्रों द्वारा दी जाने वाली सेवाओं को प्रदान करने के लिए सक्षम बनाए जाने हेतु सरकार की ओर से ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस पहल से पैक्स कॉमन सर्विस सेंटर योजना के डिजिटल सेवा पोर्टल पर सूचीबद्ध सभी सेवाएं नागरिकों को प्रदान करने में सक्षम होगी।

डिजिटल सेवा पोर्टल पर सूचीबद्ध सेवाएं होंगी उपलब्ध

सहकारिता विभाग के मुताबिक, सरकार की इस पहल से पैक्स सीएससी योजना के डिजिटल सेवा पोर्टल पर सूचीबद्ध सभी सेवाएं नागरिकों को प्रदान करने में सक्षम होगी। पैक्सों के माध्यम से अब बैंकिंग, इंश्योरेंस आधार, नामांकन,अपडेट, कानूनी सेवाएं, कृषि इनपुट जैसे कृषि उपकरण ,पैन कार्ड और आइआरसीटीसी, रेल, बस व विमान टिकट संबंधी सेवाएं भी नागरिकों को प्रदान करेंगे। वहीं, पैक्स जल वितरण, भंडारण, बैंक मित्र सहित अलग-अलग गतिविधियां भी चला सकेंगे। पैक्स के माध्यम से ग्रामीण आबादी को महत्वपूर्ण कार्य समान सेवा केंद्र द्वारा सेवाओं को उपलब्ध कराना है। पैक्स की व्यवसायिक गतिविधियों में से वृद्धि होगी और उन्हें आत्मनिर्भर आर्थिक संस्था बनने में भी मदद मिलेगी। पैक्सों में ई-गवर्नेंस से रोजगार सृजन का लक्ष्यपैक्सों में ई-गवर्नेंस से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन का लक्ष्य है। इसलिए सरकार ने पैक्स का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है। पैक्स से और अधिक किसानों को जोड़ा जाएगा। विभाग के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि सरकार अभी कोशिश कर रही है कि सामान्य सेवा केंद्रों पर उपलब्ध की जा रही सेवाओं को पैक्स के माध्यम से ही गरीब, किसानों तक पहुंचाया जाए। सहकारिता के क्षेत्र में उठाया गया ये ऐतिहासिक कदम है। सहकारिता विभाग अभी से ग्रामीण अंचलों के लोगों और किसानों को आर्थिक रूप से संपन्न बनाने का काम कर रही है।

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