— यूनिसेफ द्वारा रेडियो 4 चाईल्ड के बैनर तले मीडिया प्रोफेशनलों के साथ किया गया कार्यशाला का आयोजन
World Environment Day: देश दुनिया में 5 जून यानी कल विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाएगा। बड़े—बड़े आयोजन होंगे। पर्यावरण समस्या को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंतायें जताई जायेंगी। हो भी क्यों न? क्योंकी बढ़ते प्रदूषण की समस्या को लेकर विश्व के अन्य देशों सहित भारत के समक्ष बड़ी चुनौतियां है। और बढ़ते प्रदूषण ने न सिर्फ पृथ्वी को बुरी तरह प्रभावित किया है बल्कि इसकी वजह से बड़े—बदलाव भी दिखाई देने लगे हैं। यहां तक की भारत जैसे विकासशील देशों में पर्यावरणीय समस्याओं, ग्रीनहाउस प्रभाव, ग्लोबल वार्मिंग असंतुलन को तीव्र कर दिया है। यहां तक की बच्चे भी इससे अछूते नहीं है।
ये तो रही समस्याओं की बात। लेकिन यदि समस्या है तो समाधान भी है और समाधान तो तब होगा जब समाज जागरूक होगा। इस बात को इस तथ्य से समझा जा सकता है कि प्लास्टिक के उपयोग से पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। ये बात हम सब जानते हैं लेकिन बावजूद इसके कहां रूक पा रहा है इसका इस्तेमाल।
यूनिसेफ ने की पहल…
यही वजह है कि बच्चों के लिए अंतरर्राष्ट्रीय स्तर पर काम करने वाली संस्था यूनिसेफ ने पर्यावरण संबधी चिंताओं पर विचार करने के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला में देश के बड़े रेडियो चैन्लस के प्रोगामिंग हेड्स, सीनियर रेडियो जॉकीज़ और प्रोड्यूसरों ने समेकित रूप से पर्यावरण संबंधी चिंताओ और बच्चों पर होने वाले इसके असर पर चर्चा की। कार्यक्रम का आयोजन यूनिसेफ इंडिया द्वारा अपने रेडियो 4 चाईल्ड प्लेटफॉर्म के तहत किया। इस वर्कशॉप में ऑल इंडिया रेडियो, प्राइवेट एफएम चैनल और कम्युनिटी नदी रेडियो के 30 से ज्यादा मीडिया प्रोफशनल्स ने भागीदारी की।
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क्या है उद्देश्य
देश में प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने व इससे होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिए यूनिसेफ प्रयास करता रहा है कि प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करके एक तरफ पर्यावरण को संरक्षित किया जाये। ताकी लोगों के स्वास्थ्य को बिना प्लास्टिक के इस्तेमाल से अधिक सुंदर बनाया जा सके क्योंकि प्लास्टिक हमारे जीवन में कई बीमारियों को भी जब हम उसका प्रयोग करते हैं चाहे खान पान की चीजे रखें , या चाहे अन्य सामान रखें तो प्रत्यक्ष परोक्ष रूप से वह स्वास्थ्य पर प्रभाव डाल रहा है।
क्या कहते हैं आंकड़े और क्या है उद्देश्य
1. प्लास्टिक प्रदूषण हो समाप्त(WORLD ENVIRONMENT DAY – 5 जून)
हर साल दुनिया में करीब 430 मीलियन टन प्लास्टिक बनता है। इनमें से ज्यादातर प्लास्टिक सिर्फ एक बार इस्तेमाल करने के बाद फेंक दिया जाता है। अब तो माइक्रो प्लास्टिक हमारे खाने, पीने के समान, पानी और यहां तक की मां क दूध म भी पाया जा रहा ह।
इस साल ‘वर्ल्ड एनवायरनमट डे’ की थीम भी यही है – प्लास्टिक प्रदूषण खत्म करना।
‘मिशन लाइफ’ के तहत आम लोग से अपील की गई है की:
* सिंगल यूज़, यानी एक बार उपयोग होने वाल प्लास्टिक का इस्तेमाल न करें
* घर म ही कचरे को सही तरीके से अलग करें
* और टिकाउ विकल्प अपनाएं
ये छोटे कदम रोज़ की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला सकते हैं और आपके बच्चे के भविष्य को बेहतर बनाने के साथ ही पृथ्वी से भी प्रदूषण की समस्या खत्म कर सकते हैं।


