हाथों में झंडे लेकर शंभू बॉर्डर पर डटे 101 किसान, इन मांगों को लेकर है आंदोलन

0
120

नई दिल्ली: हरियाणा-पंजाब से सटे शंभू बॉर्डर पर किसान आज दिल्ली कूच कर रहे हैं। हालांकि अभी वे बढ़ नहीं पाए हैं क्योंकि पुलिस ने उन्हें रोक रखा है। पुलिस लगातार अपील कर रही है कि किसान शांति बनाए रखें और आगे न बढ़ें। किसान झंडे और बैनरों से लैस हैं और अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच की तैयारी में हैं। आज पहले दिन 101 किसानों का जत्था दिल्ली मार्च पर निकलने वाला है। इस जत्थे में किसान नेता सरवन सिंह पंढेर नहीं हैं। किसानों ने सरकार से बातचीत का प्रस्ताव रखा है। उधर कृषि राज्यमंत्री मगीरथ चौधरी ने भी कहा है कि किसानों के लिए सरकार के दरवाजे हमेशा खुले हैं। किसान अपनी 12 मांगों को लेकर दिल्ली आने वाले हैं। तो आइए जान लेते हैं कि उनकी 12 मांगें क्या हैं?

इन मांगों को लेकर है आंदोलन
सभी फसलों की एमएसपी पर खरीद की गारंटी का कानून बने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार फसलों के दाम तय हों, और भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 को पूरे देश में फ‍िर से लागू किया जाए भूमि अधिग्रहण से पहले किसानों की लिखित सहमति और,कलेक्टर रेट से 4 गुणा मुआवज़ा देने के प्रावधान लागू हों, लखीमपुर खीरी मामले के दोषियों को सजा और पीड़ित किसानों को न्याय दिया जाए, किसानों और मजदूरों की कर्जमुक्ति की जाए, भारत विश्व व्यापार संगठन यानी डब्ल्यूटीओ से बाहर आए और सभी मुक्त व्यापार समझौतों पर रोक लगाई जाए, किसानों और खेत मजदूरों को पेंशन दी जाए, दिल्ली आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों को मुआवजा और परिवार के एक-एक सदस्य को नौकरी दी जाए, विद्युत संशोधन विधेयक 2020 को रद्द किया जाए, जल, जंगल, जमीन पर आदिवासियों के अधिकार सुनिश्चित करके कंपन‍ियों द्वारा आदिवासियों की जमीन की लूट बंद की जाए,मनरेगा के तहत प्रति वर्ष 200 दिन का रोजगार और 700 रुपये मजदूरी हो साथ ही मनरेगा को खेती के साथ जोड़ा जाए, नकली बीज, कीटनाशक दवाइयां और खाद बनाने वाली कंपनियों पर सख्त कार्रवाई हो वहीं, मिर्च, हल्दी और अन्य मसालों के लिए राष्ट्रीय आयोग का गठन किया जाए।

ये भी पढ़े…

दिल्ली मार्च…मनजीत सिंह की अगुवाई में दिल्ली कूच कर रहे है किसान

शंभू बॉर्डर पर किसानों का जमावड़ा
शुक्रवार को 101 किसानों के एक जत्थे ने शंभू बॉर्डर पर अपने विरोध स्थल से दिल्ली के लिए पैदल मार्च शुरू किया लेकिन उन्हें कुछ मीटर की दूरी पर बैरिकेडिंग के जरिये रोक दिया गया है। साथ ही हरियाणा पुलिस ने किसानों से आगे न बढ़ने को कहा और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू होने का हवाला दिया अंबाला जिला प्रशासन ने जिले में पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के किसी भी गैरकानूनी जमावड़े पर प्रतिबंध लगा दिया है। और किसान फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी के लिए केंद्र पर दबाव बनाने के लिए मार्च कर रहे हैं। किसान यूनियनों के झंडे थामे कुछ किसानों ने सुरक्षाकर्मियों द्वारा घग्गर नदी पर बने पुल पर लगाई गई लोहे की जाली को नीचे धकेल दिया। हरियाणा की सीमा पर भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here