चंदन कुमार
इस देश में यह पहली घटना होगी जिसमे कोई मुख्यमंत्री अपने ही मंत्री पर गबन का आरोप लगाते हुए न सिर्फ उसे बर्खास्त करे बल्कि मामला सीबीआई को सोपने का निर्णय ले. जी हाँ भ्रस्टाचार के आन्दोलन से निकले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यह काम किया है. उन्होंने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह बताया कि भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद अपने खाद्य आपूर्ति मंत्री आसिम अहमद को पद से हटा दिया. उन्होंने मंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार के सबूत पेश किये. खाद्य आपूर्ति मंत्री आसिम अहमद पर बिल्डर से 6 लाख रूपये लेने का आऱोप लगा. केजरीवाल ने बताया कि उन्हें रात में ही यह सबूत मिला. रातभर बैठकर उन्होंने सबूतों पर गौर किया और प्रथमदृष्टया लगा कि आरोप सही है. इसी के मद्देनजर उन्होंने अपने मंत्री को जांच पूरी होने तक पद से हटाने का निर्णय किया. यह पूरा केस सीबीआई को सौपा जायेगा. उन्होने सबुत के रूप में आडियो क्लिप जारी किया जिसमें खान को एक बिल्डर से रिश्वत मांगते हुए सुना गया.
केजरीवाल खुद कहते हैं इतिहास में पहली बार इस तरह का मामला है कि किसी मंत्री पर आरोप लगे तो उसे 24 घंटे के अंदर हटा दिया गया. हम यह संदेश देना चाहते है कि अगर कोई भ्रष्टाचार करेगा तो हम उसे छोड़ेंगे नहीं. अगर मैं भ्रष्टाचार करूंगा तो मनीष सिसोदिया मुझे छोड़ेंगे नहीं मेरा बेटा भी अगर भ्रष्टाचार करेगा, तो उसे भी नहीं छोड़ेंगे. आसिम अहमद मटियामहल से विधायक हैं. उनकी जगह पर किसी और को यह मंत्री पद सौंपा जायेगा.
आम आदमी पार्टी (आप) भ्रष्टाचार के आरोपों में आज हटाए गए पर्यावरण और खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री आसिम अहमद खान का मामला अपने लोकपाल के पास भेजेगी. आप प्रवक्ता दीपक बाजपेयी ने कहा, ‘‘हम इस मामले को पार्टी के लोकपाल को भेजेंगे जो इस मामले की जांच करेंगे.” खान तीसरे आप विधायक और दूसरे मंत्री बन गये हैं जिनके मामले की जांच पार्टी का लोकपाल करेगा. पार्टी लोकपाल कोंडली विधायक मनोज कुमार और पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर के फर्जी डिग्री मामले की जांच कर चुका है. प्रवक्ता ने कहा कि खान की किस्मत का फैसला लोकपाल की रिपोर्ट आने के बाद किया जाएगा.


