नई दिल्ली। लेकिन जरा ठहरिए! धूप से ज्यादा दूरी आपको बीमार कर सकती है। धूप विटामिन-डी का सबसे बड़ा स्रोत है और यह शरीर के लिए इतना ही जरूरी है, जितना कि खाने में नमक। अगर शरीर में विटामिन-डी की कमी हो गई तो घाव नहीं भरेंगे; शरीर दिनोंदिन कमजोर होता जाएगा, बाल तेजी से गिरने लगेंगे। विटामिन-डी की कमी शरीर के साथ साथ मन को भी बीमार कर देती है। ऐसी स्थिति में डिप्रेशन की भी समस्या देखी गई है। ऐसे में यह खयाल रखना जरूरी है कि गर्मी के दिनों में धूप के साथ विटामिन-डी से दूरी न बने। कुछ चीजें हैं, जिन्हें खाकर विटामिन-डी लेवल को बढ़ाया जा सकता है। हड्डियों और दांतों को मजबूत रखने, मांसपेशियों के समुचित विकास और बेहतर मेंटल हेल्थ के लिए विटामिन-डी जरूरी है। जब शरीर में इसकी कमी होती है तो हड्डियां काफी कमजोर हो जाती हैं। हल्की-सी चोट लगने पर भी हड्डियां टूटने लगती हैं। बाल भी तेजी से टूटते हैं। मांसपेशियों में भयंकर दर्द उठता है। बुजुर्गों को भूलने की बीमारी यानी डिमेंशिया हो सकती है। छोटे बच्चों को पढ़ाई में मन नहीं लगेगा।
कामकाजी लोगों में विटामिन-डी की कमी हो तो प्रेशर के चलते उनके डिप्रेशन में जाने की आशंका काफी बढ़ जाती है। दिन भर थका-थका और ड्रिप्रेश्ड फील होता है। पीठ, छाती और हाथ-पांव में भयंकर दर्द उठता रहता है। सर्दी आपने लाव-लश्कर समेट कर जा चुकी है। अब न वो ठंडी हवाएं चलेंगी और न ही धुंधले से कुहासे छाएंगे। गुनगुनी लगने वाली धूप भी अब रौद्र रूप में नजर आएगी। सर्दी की दोपहरी में नरम धूप सेंकने वाले लोग गर्मी में इससे बचने की जुगत लगाएंगे।
टोपी, गमछा, सन ग्लास और सन स्कीन क्रीम के सहारे धूप को मात देने की कोशिश की जाएगी।
विटामिन-डी की कमी इम्यूनिटी को भी कमजोर कर देती है। जिसके चलते लोग बार-बार बीमार पड़ने लगते हैं।
सूरज की रोशनी विटामिन का सबसे बेहतर और नेचुरल सोर्स है विटामिन-डी का सबसे अच्छा और नेचुरल सोर्स धूप है। हर दिन आधे घंटे धूप में बैठने से शरीर को उसकी जरूरत जितना विटामिन-डी मिल जाता है। नॉर्थ ईस्ट के कुछ राज्यों में जहां सालों भर बारिश होती है। धूप न निकलने के चलते वहां लोगों में विटामिन-डी की कमी होती है। जिसके चलते काफी लोग डिप्रेशन का शिकार भी होते हैं।
गर्मी में संभल कर लें धूप
जानकारों का मानना है कि सुबह 10 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक की धूप विटामिन-डी के लिए सबसे मुफीद होती है। लेकिन यह फॉमूर्ला गर्मी के दिनों में काम नहीं करता। गर्मी में सुबह-सुबह धूप की पहली किरण में बैठ विटामिन-डी की कमी पूरी कर सकते हैं। गर्मी के दिनों हल्की धूप में 15 मिनट बैठना काफी होता है।
धूप के अलावा इनसे भी ले सकते हैं विटामिन-डी वैसे तो विटामिन-डी का सबसे अच्छा सोर्स धूप ही है। लेकिन कुछ दूसरी चीजों के सहारे भी इसकी कमी पूरी की सकती है। डाइटीशियन कोमल सिंह बताती हैं- डेयरी प्रोडक्ट, अंडा, मछली, मशरूम, ओट्स, संतरा और गेहूँ-जौ जैसे साबुत अनाज में भी विटामिन-डी अच्छी खासी मात्रा में पाई जाती है। किसी कारण से धूप न सेंक पा रहें तो इन चीजों को अपनी डाइट में शामिल करने की कोशिश करें। आजकल मार्केट में कई तरह के विटामिन-डी सप्लिमेंट भी उपलब्ध हैं। लेकिन धूप और डाइट के सहारे ही इसकी जरूरत पूरी की जाए तो बेहतर है। विशेष परिस्थितियों में डॉक्टर की सलाह से सप्लिमेंट की मदद भी ली जा सकती है।

