नीलम
महंगाई बढ़ी है। विधायक जी का वेतन भी बढ़ा है। मुखिया जी के आमदनी का तो कहना ही क्या? पिछली सरकार में एक केंद्रीय मंत्री ने टिप्पणी की थी की सभी मुखिया बोलेरो पर आ गए। अब जब इतनी आमदनी है तो खर्च तो बढेगा। बिहार पंचायत चुनाव में इस बार 20 अरब रुपये से ज्यादा खर्च होंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने सरकार को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के सभी छह पदों के चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव के स्वीकृत हो जाने के बाद अकेले उम्मीदवारों के खाते से करीब 17 करोड़ रुपये चुनाव में खर्च होंगे। वह भी तब जब एक पद के लिए दो उम्मीदवार होंगे।अगर उम्मीदवारों की संख्या दो से ज्यादा हुई, तो यह खर्च और बढ़ेगा। राज्य में जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, मुखिया, सरपंच, ग्राम समिति सदस्य और पंच के कुल 2 लाख 50 हजार 375 पदों के लिए चुनाव होंगे। अगर पांच लाख से कुछ अधिक उम्मीदवार मैंदान में हुए, तो खर्च 17 अरब से अधिक होगा।उम्मीदवार ज्यादा हुए तो खर्च और बढ़ेगा।
पद पद खर्च की वर्तमान सीमा प्रस्तावित सीमा
जिला परिषद 1162 50000 140000
पंचायत समिति 11516 20000 56000
मुखिया 8397 25000 70000
सरपंच 8097 25000 70000
ग्राम पंचायत समिति 114650 10000 28000
पंच 114650 10000 28000
नोट : खर्च रुपये में.
