नई दिल्ली: लोक स्वास्थ्य पत्रकारिता एवं सचार के लिए महत्वपूर्ण मूल्यांकन कौशल में अपनी तरह के पहले प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम का उद्घाटन आज पचास से अधिक शिक्षाविदों, सरकारी प्रतिनिधियों, मीडिया एवं विद्यार्थियों की मौजूदगी में किया गया। पाठ्यक्रम को मीडिया के विद्यार्थियों, पत्रकारों, संपादकों एवं सरकारी अधिकारियों के लिए तैयार किया गया है। इस पाठ्यक्रम को यूनिसेफ इण्डिया के द्वारा ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, थौमसन रायटर्स फाउन्डेशन तथा जार्ज इन्सटीट्यूट ऑफ ग्लोबल हेल्थ के सहयोग से इंडियन इन्सटीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (आईआईएमसी) में इस मौके पर डा. अग्रवाल ने बताया, ‘‘मीडिया संगठनों एवं पत्रकारिता स्कूलों के साथ यह हस्तक्षेप सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम की जानकारी एवं सूचना में सुधार लाने के लिए अकादमिक नेटवर्क को विशेषज्ञता प्रदान करेगा।’’ यह पाठ्यक्रम पत्रकारिता के विद्यार्थियों, मध्य-स्तर की मीडिया, संपादकों एवं सरकारी अधिकारियों को पेशेवर कौशल विकास का अनूठा अवसर प्रदान करेगा। जीएवीआई – स्वास्थ्य प्रणाली सशक्तीकरण योजना 2014-16 के तहत भारत सरकार द्वारा नियमित टीकाकरण पर शुरू किए गए मुख्य कार्यक्रम-मिशन इन्द्रधनुष को बढ़ावा देने के लिए इस मॉड्यूल को पेश किया गया है। इस अवसर पर अपने विचार अभिव्यक्त करते हुए यूनिसेफ इण्डिया के प्रतिनिधि श्री लुईस-जॉर्ज आर्सेनॉल्ट ने बताया, ‘‘मीडिया यूनिसेफ के लिए महत्वपूर्ण एवं सामरिक साझेदार है तथा मीडिया एवं पत्रकारिता के विद्यार्थयों को सार्वजनिक स्वास्थ्य की रिपोर्टिंग से जुड़े सभी पहलुओं के बारे में जानकारी एवं कौशल प्रदान करना इस पहल का लक्ष्य है। हमें उम्मीद है कि हमारी यह पहल स्वास्थ्य सम्बन्धी मुद्दों के साक्ष्य आधारित कवरेज को बढ़ावा देगी।’’ यूनिसेफ एवं आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, रायॅटर्स फाउन्डेशन, आईआईएमसी, जार्ज इन्सटीट्यूट ऑफ ग्लोबल हेल्थ से साझेदार तथा मीडिया से वरिष्ठ सदस्य इस पाठ्यक्रम के संचालन में सक्रिय भूमिका आक्सफोर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ में प्रशिक्षण कार्यक्रम निदेशक डा. प्रेमिला वेबस्टर ने कहा, ‘‘वर्तमान में सीएएसपी पाठ्यक्रम यूके में सार्वजनिक स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए उपलब्ध कराया जाता है। भारत के लिए यह विस्तृत मॉड्यूल देश के स्वास्थ्य के संदर्भ में महत्वपूर्ण मूल्यांकन की आवश्यकता को देखते हुए विशेष रूप से अनुभवी एवं उभरते मीडिया कर्मियों तथा सरकारी प्रतिनिधियों के लिए प्रस्तुत किया गया है।’’ आईआईएमसी ने अपने पत्रकारिता के विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को देखते हुए सीएएसपी पाठ्यक्रम को सुव्यवस्थित किया है। यह पाठ्यक्रम आईआईएमसी के लिए एक पायलट है जो 2016 में सरकारी मीडिया अधिकारियों को उपलब्ध कराया जाएगा। इण्डियन इन्सटीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन के महानिदेशक श्री सुनीत टंडन ने बताया, ‘‘सीएएसपी पायलट प्रोग्राम आईआईएमसी के 40 विद्यार्थियों को एक प्रमाणपत्र प्रोग्राम के रूप में उपलब्ध कराया जा रहा है। यह मोड्यूल तीन महीने के एक लघु-पाठ्यक्रम के रूप में होगा, जिसमें मीडिया के विद्यार्थियों को सार्वजनिक स्वास्थ्य के मुद्दों से जुड़ी ज़मीनी वास्तविकताओं के बारे में व्यापक जानकारी देने के लिए कक्षाओं के अलावा कार्यशालाओं एवं फील्ड विज़िट्स का आयोजन भी किया जाएगा।’’ ‘‘हमें उम्मीद है कि यह साझेदारी साक्ष्य आधारित दृष्टिकोण के साथ स्वास्थ्य सम्बन्धी लेखों को लिखने के लिए मीडिया की भूमिका को सशक्त बनाएगी तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर उचित एवं जानकारीपूर्ण बहस को बढ़ावा देगी।’’ जार्ज इन्सटीट्यूट ऑफ ग्लोबल हेल्थ, इंडिया के कार्यकारी प्रख्यात संपादकों, पत्रकारों एवं शिक्षाविदों के साथ विचार-विमर्श के कई दौर के बाद भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य के मौजूदा परिवेश के संदर्भ में इस सशक्त मॉड्यूल का निर्माण किया गया है। इसके लिए एक तीन-दिवसीय कार्यशाला का आयोजन अक्टूबर में किया जा रहा है जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से 30 मध्य-स्तर के पत्रकार हिस्सा लेंगे।

