चंदन कुमार
“वे देश चुरावे हैं तो चर्चा नहीं होती,
हम पपीता/कटहल चुराते ही हो जाते हैं बदनाम।“
चोरी तो चोरी है चाहे पपीते/कटहल की हो या देश के काले धन की। पुलिस को अपना काम करना होता है। ये बात और है कि कान के कुंडल चोरी चले जाने पर दिल्ली पुलिस आपकी रिपोर्ट दर्ज करे न करे, लेकिन कटहल/पपीते की चोरी पर जांच मं बिल्कुल ही ढ़िलाई नहीं है। मामला अगर सांसद, विधायक, मंत्री से जुड़ा हो तो तत्परता के विषय में कहना ही क्या?
आज देश की राजधानी में में ऐसा ही एक मामला सामने आया। दिल्ली के तिलक मार्ग इलाके में रहने वाले सांसद ओड़िशा के भद्रक से बीजू जनता दल के सांसद अर्जुन चरण सेठी के घर पपीता चोरी की घटना घटी। वे तिलक मार्ग के पंडित रवि शंकर शुक्ला लेन पर कोठी संख्या 21 में वह रहते हैं। तिलक मार्ग पुलिस ने नौकर की शिकायत पर इस बाबत मामला दर्ज कर लिया है। शुक्रवार शाम हुई इस वारदात के दौरान सांसद के नौकर ने चोर को मौके पर पकड़ भी लिया, लेकिन बाद में वह फरार होने में कामयाब रहा।
सांसद के घर के नौकर सुरेश ने बताया कि शुक्रवार शाम लगभग चार बजे कोठी के अंदर चोर घुस गया। वह तुरंत उसके पीछे गया तो वहां देखा कि लगभग 25 वर्षीय एक युवक को अन्य कर्मचारियों ने पकड़ लिया है। चोर ने बताया कि वह पपीते तोड़ने आया था। उसके पास मौजूद थैले में उसने दो पपीते रखे हुए थे। कर्मचारी उससे पूछताछ कर ही रहे थे, लेकिन तभी वह पश्चिमी गेट की तरफ से भाग गया। कुछ देर बाद वहां गश्त करते हुए एसआई किशन लाल और सिपाही सुनील पहुंचे। पुलिस ने उसका बयान दर्ज करने के बाद इस बाबत चोरी का मामला दर्ज कर लिया।
पहेली बना हुआ कटहल चोरी का मामला
कुछ महीने पूर्व तुगलक रोड इलाके में रहने वाले जनता दल यू सांसद महेन्द्र प्रसाद की कोठी से कटहल चोरी हो गए थे। यह मामला भी पुलिस अब तक नहीं सुलझा सकी है। सात रेसकोर्स स्थित प्रधानमंत्री आवास के पीछे के तरफ विपरीत दिशा में स्थित राज्यसभा सांसद की कोठी में सासंद महेन्द्र प्रसाद के बगीचे 18 जून की रात पेड़ों में लगी दो कटहल चोरी हो गईं। कटहल गायब हो गए। तुगलक रोड़ थाना पुलिस में इसकी शिकायत हुई। मामला इतना तूल पकरा की दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम को मौके पर बुलाया। फ्रिंगर प्रिंट एक्सपर्ट भी मौके पर पहुंचे। लाव-लश्कर के साथ पुलिस लांच में जुटी। पुलिस ने आईपीसी की धारा 379(चोरी) के तहत मामला दर्जकर तफ्तीश शुरू कर दी। हालाकी कटहल चोर अभी भी गिरफ्त से बाहर है।
गौरतलब है कि इसी तरह का मामला पहले उत्तर प्रदेश में भी उठा था। जब कैबिनेट मंत्री आजम खान की भैंसे चोरी हो गई थी। यूपी पुलिस ने जी-जान लगाकर उन की भैसों को 24 घंटे के भीतर ढ़ूढ़ निकाला था।ऐसे में यह सवाल उठता है की क्या पुलिस आम जन से जुड़े मामले में इतनी तत्परता दिखाती है।


