संतोष कुमार सिंह
“जय जवान, जय किसान” नेताओं के लिए पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को याद करने के लिए नारा मात्र हो सकता है लेकिन यह आलोक के लिए नारा नहीं बल्कि एक सपना है। चतरा के एक गांव में अपने किसान पिता को हार कंपाती सर्दी और चिलचिलाती धूप में माटी में रचते बसते देख उसका जज्बा और बढ़ जाता है। बस एक ही इच्छा है कि वह सेना में भरती हो जाये, और घर की तंगहाली खत्म हो। वह बैग में जरूरी सामान भर स्टेशन की ओर जा रहा है। वहां से गाड़ी पकर रांची जायेगा जहां मोरहाबादी मैदान में चल रहे आर्मी बहाली में उसे भाग लेना है। मैदान में हजारों युवाओं को देखकर युवा आलोक का मन बैठ जाता है। तभी पान दुकान पर गीत बजता है “मेरे देश को रखना मेरे बच्चों सम्हाल्के” । अलोक की तन्द्रा भंग होती है और अचानक बूढ़े पिता का चेहरा उभरता है। वह तैयार होता है, और बहाल होने के लिए आगे बढ़ता है। उसे भरोसा है कि वह फिजिकल निकाल लेगा। दौड़, हाई जंप, लांग जंप की बाधा को पार करता वह अब मेडिकल में पहुंच गया। सपना अब करीब आते दिखता है। रांची में रह रहे उसके हमउम्र साथी ने जब आलोक के पिता को यह जानकारी दी, तो उन्हें सपना साकार होता दिखा। ‘सैनिक वेश भूषा में सजा बेटा।’
यह सिर्फ एक आलोक का सपना नहीं, बल्कि गांव के उन हजारों किसान परिवार का सपना है, जो अपने कलेजे के टुकड़े को सेना में भेजते हैं, ताकि सीमा सुरक्षित रहे, और हम अपने घरों में चैन की नींद सो सकें।
झारखण्ड में सेना भर्ती कैंप
मोरहाबादी मैदान में सेना भर्ती कैंप में राज्य के अलग-अलग जिलो से युवा भर्ती होने के लिए आ रहे हैं। चतरा, लोहरदग्गा, खूंटी के 753 युवाओं ने 2781 दौड़ में सफलता पा ली है। जबकि 2781 युवा दौड़ में शामिल हुए थे। दौड़ में शामिल हुए युवाओं में से कुछ मेडिकल में छट गए, जबकि सफल युवाओं का प्रमाण पत्र जांच की जांच की जा रही है। मेडिकल जांच के लिए मूल प्रमाणपत्र जांच की जाती है। आर्मी भर्ती बहाली के दूसरे दिन गिरिडीह, रामगढ़ और कोडरमा के 3332 युवा शामिल हुए। इनमें 2366 छात्र दौड़ मे शामिल हुए, जिसमें 507 युवा सफल रहे। दुमका, पूर्वी सिंहभूम, साहेबगंज सहित अन्य जिलों के युवा भी आर्मी में बहाल होने के लिए बड़ी संख्या में मोरहाबादी मैदान में आये हुए है।
क्या कहते हैं अधिकारी
सेना भर्ती बोर्ड के डायरेक्टर जनरल व लेफ्टिनेंट कर्नल आरएन नायर के अनुसार’सेना में इस राज्य का कोटा तीन परसेंट है। हर साल यहां से करीब दो हजार युवा सेना में भर्ती हो रहे हैं, जबकि पूरे देश में 60 से 70 हजार फौज में जाते हैं।’
मैदान में मेले जैसी रौनक
बहाली में आये युवाओं ने पूरे मैदान पर अपना डेरा जमा रखा है. वहीं इन युवाओं के लिए पूरे मैदान में 20 से अधिक होटल भी खुल गये हैं. यहां मैदान में ही खाना खाने से लेकर नाश्ते तक का प्रबंध है. लिहाजा मैदान के चारों ओर पॉलिथीन से लेकर दोना-पत्तल तक बिखरे पड़े हैं. शौच के लिए भी मैदान का उपयोग किया जा रहा है. इस कारण यहां अब दुर्गंध भी आने लगी है. बहाली में आये युवाओं का कहना था कि प्रतिदिन यहां 3500 से अधिक युवा आ रहे हैं. उनके लिए सिर्फ 10 अस्थायी शौचालय बनाये गये हैं, जो कम हैं. रहने के लिए एक छोटा सा टेंट बनाया गया है, जिसमें इतनी संख्या में आये युवाओं का रहना मुश्किल है.



