ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई से किसान होंगे मालामाल

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बिहार सरकार राज्य के किसानों को ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली की ओर आर्किषत करने के मकसद से 90 प्रतिशत तक अनुदान देने का प्रवाधान करने जा रही है। पहले ही भारत सरकार के प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ‘मोर क्रॉप पर ड्राप- माइक्रोइरीगेशन’ कार्यक्रम के अन्तर्गत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली को प्रभावी ढंग से विभिन्न फसलों में अपनाने हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली अपनाकर किसान 50 -60 प्रतिशत पानी की बचत के साथ ही 35-40 प्रतिशत उत्पादन में वृद्धि एवं उपज की गुणवत्ता में सुधार कर सकते है। इस प्रणाली के माध्यम से पौधे की जड़ क्षेत्र में विशेष रूप से निर्मित प्लास्टिक पाईपों द्वारा कम समय अन्तराल पर पानी दिया जाता है। इस प्रणाली को अपनाकर यदि उर्वरक का प्रयोग इसके माध्यम से किया जाय तो इससे लगभग 25 से 30 प्रतिशत उर्वरक की बचत होती है। जिसके कारण मजदूरों के लागत खर्च में कमी तथा पौधों पर रोगो के प्रकोप में भी कमी आती है।

बता दे कि वर्ष 2015-16 में भारत सरकार द्वारा इस सिंचाई प्रणाली को बढ़ावा देने हेतु ‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’ प्रारंभ की गयी है। वर्तमान में बिहार में इस सिंचाई प्रणाली लगभग कुल असिंचित क्षेत्र का 0.5 प्रतिशत क्षेत्र में ही अपनाया जा रहा है. कृषि रोड मैप 2017-22 में इस प्रणाली को कम से कम कुल असिंचित क्षेत्र के लगभग 2 प्रतिशत क्षेत्रों में प्रतिष्ठापित किये जाने का लक्ष्य है, ताकि बिहार के सब्जी एवं फल का उत्पादकता एवं उत्पादन में बढ़ोतरी हो. इस योजना अन्तर्गत किसानों को राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त टाप-अप प्रदान करते हुये सभी श्रेणी के कृषकों को ड्रीप अन्तर्गत 90 प्रतिशत एवं स्प्रिंकलर अन्तर्गत 75 प्रतिशत सहायता अनुदान देने का प्रावधान है।

योजना का लाभ
योजना का लाभ सभी वर्ग के कृषक उठा सकते है। इसके लिए किसानों के पास अपनी भूमि एवं जल स्रोत उपलब्ध होने चाहिए। योजना का लाभ सहकारी समिति के सदस्यों, सेल्फ हेल्प ग्रुप, इनकार्पोरेटेड कम्पनीज, पंचायती राज संस्थाओं, गैर सहकारी संस्थाओं, ट्रस्ट्स, उत्पादक कृषकों के समूह के सदस्यों भी ले सकतें है।

पंजीकरण

किसान https://dbtagriculture.bihar.gov.in पर अपना पंजीकरण कराकर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं

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