यूपी के सभी प्राइमरी स्कूलों में शीतकालीन अवकाश, इतने दिन रहेंगे विद्यालय बंद

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वर्षा वर्मा

School Holiday: उत्तर प्रदेश के सभी प्राइमरी स्कूलों में शीतकालीन अवकाश की शुरुआत 31 दिसंबर 2024 से हो गई है। जो 14 जनवरी 2025 तक जारी रहेगा। स्कूल अब 15 जनवरी 2025 को फिर से खुलेंगे। इस दौरान अर्धवार्षिक परीक्षाओं के परिणाम घोषित किए जाएंगे। जो 23 दिसंबर से 28 दिसंबर के बीच आयोजित हुई थीं। छात्रों को शीतकालीन अवकाश के लिए पर्याप्त होमवर्क दिया गया है ताकि उनकी पढ़ाई अवकाश के दौरान भी जारी रहे। शिक्षकों को भी इन छुट्टियों में विश्राम मिलेगा। हालांकि, माध्यमिक स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के प्री-बोर्ड, प्रैक्टिकल और बोर्ड परीक्षाओं के चलते स्कूल खुले रहेंगे।

प्रदेश भर में ठंड ने अपना प्रभाव जमाया हुआ है। जिससे स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए विशेषज्ञों ने ठंड से बचाव के उपाय करने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों को ठंड के मौसम में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। साथ ही, बंद कमरों में हीटर या अंगीठी जलाने के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए। न्यू ईयर सेलिब्रेशन के साथ-साथ बच्चों को अपनी पढ़ाई पर भी ध्यान देना होगा। क्योंकि उन्हें 15 दिनों का होमवर्क दिया गया है।

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मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों तक प्रदेश में ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। पहाड़ी इलाकों में ताजा बर्फबारी के कारण गलन बढ़ गई है। अगले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान और गिरने की संभावना है। 2 से 3 जनवरी के बीच एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका प्रभाव उत्तर प्रदेश में देखा जाएगा।

सर्दी का असर बीमारियों के रूप में भी दिख रहा है। ठंड के चलते सर्दी-खांसी, जुकाम, और वायरल के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। कानपुर के हैलट और उर्सला अस्पताल की ओपीडी में हर तीसरा मरीज मौसमजनित रोगों के इलाज के लिए पहुंच रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि ब्रेन स्ट्रोक और सांस फूलने के मामलों में वृद्धि हुई है। हर दिन 15 से 18 मरीज ब्रेन स्ट्रोक के लक्षणों के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। स्किन से जुड़ी समस्याओं जैसे लाल चकत्ते, खुजली और दानों के मरीजों की भी संख्या बढ़ी है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि सुबह के वक्त टहलने से बचें और बीपी व शुगर जैसी बीमारियों की दवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें। प्रदेश में ठंड के बढ़ते प्रकोप ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। लेकिन स्कूलों की छुट्टियों और बच्चों को दिए गए होमवर्क से यह सुनिश्चित किया गया है कि उनकी पढ़ाई और आराम दोनों में संतुलन बना रहे।

 

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