
नई दिल्ली: भारत में जंक फूड खाने का फैशन बन चुका है। मगर लोगों को यह मालूम नहीं हैं कि यह हमारे लिए कितना खतरनाक होता है। इसको खाने से हमें कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। चाहे यह खाने में कितना ही स्वादिष्ट क्यों न हो लेकिन लंबे समय के बाद सेहत पर बुरे असर डालता ही है। दरअसल कुछ ऐसी भी चीज़ें है जो जंक फूड जितनी बुरी हैं और जिससे धीरे धीरे आप को कैंसर भी हो सकता है। और आपको पता भी नहीं चलेगा कि ऐसा कब हो गया। अगर इनमें ही कुछ चीजों की बात करें तो शराब, प्रोसेस्ड मीट, रेड मीट और चीनी से बने मीठे पेय पदार्थों का अत्यधिक सेवन आपके कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है।
गोलगप्पे भी है खतरनाक
गोलगप्पे या पानीपुरी भारतीयों के पसंदीदा जंक फूड में से एक हैं। आप किसी भी मार्केट में चले जाए तो आप को पानीपुरी के स्टॉल के आसपास ग्राहकों की भीड़ नज़र आएगी। लेकिन आप को मालूम नहीं कि यह कितनी नुकसानदायक है। पानीपुरी में कुछ ऐसे ख़तरनाक तत्व मिले होते है जो कैंसर का कारण बन सकते हैं। कुछ लोगों को स्वादिष्ट फूड खाने के बाद तुरंत उल्टी दस्त और अन्य स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें होने लगती है। क्योकि पानीपुरी के पानी में कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल किया जाता है।
इन चार मसालों से हो सकता है कैंसर
लोगों को ज़्यादा पका हुआ और ज्यादा तला हुए खाना बहुत ही पंसद होता है। मगर इस तरह का खाना खाने से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसमें इन 4 मसालों में कैंसर करने वाले पेस्टीसाइड एथिलीन ऑक्साइड ज्यादा मिला होता है। जिसे टेस्टिंग में एमडीएच के मद्रास करी पाउडर,सांभर मसाला मिक्स्ड मसाला पाउडर, करी पाउडर मिक्स्ड मसाला पाउडर और एवरेस्ट के फिश करी मसाले हमारी सेहत के लिए बेहद खतरनाक है इनसे कैंसर तक का खतरा रहता हैं।
डिब्बे बंद खाने से बचें
वहीं बाहर के खाने की आदत लोगों को इस कदर पड़ जाती है कि वे घरों में खाना बनाने से बचते हैं। बच्चा हो या बड़ा हर किसी को मिनटों में घर पहुंच जाने वाले फूड्स की लत लग गई है। ये हमारे बिगड़े हुए लाइफस्टाइल का एक हिस्सा है जो हमारे शरीर को बीमारियों का घर बना रहा है। जोमैटो, स्विगी के अलावा दूसरे ऑनलाइन फूड प्लेटफॉर्म के जरिए खाने पीने की चीजों को काले और सफेद डिब्बे में भी डिलीवर किया जाता है। इन डिब्बों से भी गंभीर बीमारियों के होने का डर बना रहता है। प्लास्टिक में गर्म खाना डालने से इसमें केमिकल रिलीज होता है जो हमारे शरीर में जाकर गंभीर नुकसान पहुंचाता है। प्लास्टिक पैकेट्स में 143 रासायनिक पदार्थ मौजूद हैं जो महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
खाना जितना ज्यादा गर्म होगा उससे हमारे स्वास्थ्य को उतना ही नुकसान होता है। सबसे पहले हमें यह समझना होगा कि प्लास्टिक इतनी खतरनाक क्यों है। एफडीए ने माना है कि गर्म होने पर प्लास्टिक से 55 से 60 अलग-अलग रसायन निकलते हैं। जाहिर है की इससे स्तन कैंसर, कोलन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और भी बहुत कुछ कैसी स्थितियां पैदा हो जाती हैं।



