हिमाचल। हिमाचल प्रदेश के लिए गौरव का दिन है, क्योंकि किसान नेक राम शर्मा को पद्मश्री से नवाजा गया है। राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में आयोजित दूसरे अलंकरण समारोह में साल 2023 के लिए तीन पद्म विभूषण, पांच पद्म भूषण और सैंतालिस पद्मश्री पुरस्कार दिए गए इस गरिमामई कार्यक्रम में हिमाचल के जिला मंडी के करसोग के रहने वाले नेकराम शर्मा को सम्मानित किया गया।
सिर्फ दसवीं क्लास तक पढ़े नेक राम शर्मा को प्राकृतिक खेती की नेक सोच से पहचान मिली। 30 साल पहले 1993 में उन्होंने बिना केमिकल के प्राकृतिक खेती की शुरुआत की थी। नेकराम शर्मा के लिए प्राकृतिक खेती का सफर आसान नहीं था। आज उनके गांव के आसपास सिर्फ गोबर की मदद से किसान खेती करते हैं। 59 वर्षीय किसान नेकराम शर्मा ने सरकारी नौकरी को अनदेखा कर धरती मां को बचाने के लिए प्राकृतिक खेती की शुरुआत की। प्राकृतिक खेती बीमारियों को दूर रखने में भी सहायक सिद्ध होती है।
नेकराम शर्मा की प्राकृतिक सब्जियों की डिमांड हिमाचल प्रदेश से लेकर राजधानी दिल्ली तक है। 1 मई 1964 को जन्मे नेकराम शर्मा ने सिर्फ मैट्रिक तक की पढ़ाई की है। मिट्टी के लिए कुछ कर गुजरने की मंशा हमेशा उन्हें प्रेरणा देने का काम करती रही। नेकराम शर्मा ने किसानों को केमिकल खेती की ओर बढ़ते देखकर ठान लिया कि इस खेती से छुटकारा दिलाना है।
