वर्षा वर्मा
नई दिल्ली: आज पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधा कृष्णन का जन्मदिन है और डॉ कृष्णन के जन्मदिन यानी 5 सितंबर को हरेक साल की भांति इस साल भी देशभर में शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। देशभर के 50 शिक्षक को राष्ट्रीय शिक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है। खुद राष्ट्रपति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इन शिक्षकों को राजधानकी के विज्ञान भवन में सम्मानित किया।
यह पुरस्कार शिक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर योगदान देने वाले शिक्षकों को दिया जाता है। आपको बता दें कि शिक्षक दिवस के मौके पर हर साल शिक्षा मंत्रालय का स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग देश के सभी राज्यों के बेस्ट टीचर्स को चयनित करता हैं। इसके बाद उन राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। इस बार देशभर के 50 शिक्ष्काो को इस सम्मान को देने के लिए बुलाया गया है।
दिल्ली से दो शिक्षक हुए सम्मानित
वैसे तो पुरस्कार पाने वालों में देश के 28 राज्यों के 50 शिक्षक शामिल हैं लेकिन देश की राजधानी दिल्ली से इस सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पल्लवी शर्मा व चारू शर्मा का चयन किया गया है। सम्मानित किये जाने वाले शिक्षकों में 34 पुरुष और 16 महिला शिक्षक शामिल हैं। इनमें 2 दिव्यांग शिक्षक और 1 स्पेशल चिल्ड्रेन्स स्कूल के बच्चों के साथ काम करने वाले शिक्षक का नाम भी शामिल है।
सर्वपल्ली राधाकृष्णनका जीवन परिचय़
सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर, 1888 को आंध्र प्रदेश के एक छोटे से शहर में हुआ था। उन्होंने मद्रास के क्रिश्चियन कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी की थी। डॉ. कृष्णन ने मैसूर विश्वविद्यालय और कलकत्ता विश्वविद्यालय जैसे कई विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर के रूप में भी काम किया था।
क्या है शिक्षक दिवस मनाने का उद्देश्य
शिक्षक दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करने के साथ ही उनकी मेहनत, त्याग और निस्वार्थ सेवा का सम्मान करना है। शिक्षक केवल बच्चों को ज्ञान ही नहीं देते बल्कि उनके चरित्र निर्माण में भी अहम भूमिका निभाते हैंं। वे विद्यार्थियों के लिए आदर्श और प्रेरणा का स्रोत होते हैं। इस दिन छात्र अपने शिक्षकों के प्रति आभार प्रकट करने के साथ ही यह भी समझ पाते हैं कि शिक्षक उनके जीवन में कितने महत्वपूर्ण होते हैं।
