
Surajkund Mela: फरीदाबाद के ‘सूरजकुंड मेले’ में नेशनल एसोसिएशन फॉर ब्लाइंड (NAB) की ओर से दृष्टिबाधित बच्चों द्वारा बनाए गए उत्पादों की बिक्री की जा रही है। इन उत्पादों को देखने के लिए लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं और बच्चों की मेहनत और हुनर को सराह रहे हैं। इस मौके पर NAB के सदस्य बाबू साहब ने बताया कि उनकी संस्था दिल्ली के आरके पुरम सेक्टर 5 में स्थित है और दृष्टिबाधित बच्चों की शिक्षा और विकास के लिए काम करती है।
उन्होंने बताया कि कई बच्चों को देखने की समस्या के अलावा सुनने या चलने में भी दिक्कत होती है। संस्था में ऐसे बच्चों के लिए अलग से विशेष व्यवस्था की गई है। यहां बच्चों को न केवल पढ़ाया जाता है। बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए वोकेशनल ट्रेनिंग भी दी जाती है। इस ट्रेनिंग के दौरान ही बच्चों ने अपने हाथों से ये उत्पाद तैयार किए हैं। जो सूरजकुंड मेले में प्रदर्शित किए गए हैं। बाबू साहब ने आगे बताया कि दृष्टिबाधित बच्चों को पढ़ाने के लिए ब्रेल लिपि का इस्तेमाल किया जाता है। जो छह बिंदुओं पर आधारित होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जब एक डॉट होता है, तो उसे ‘A’ माना जाता है। इसी तरह अन्य अक्षरों को भी सिखाया जाता है।
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संस्था में बच्चों को संगीत की शिक्षा भी दी जाती है। जिसके लिए अलग से शिक्षक नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा फिजियोथेरेपी के लिए भी विशेषज्ञ मौजूद हैं। NAB में बच्चों के रहने खाने और पढ़ाई का पूरा खर्च संस्था उठाती है और इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता। बाबू साहब ने बताया कि वह 2019 से इस संस्था के साथ जुड़े हुए हैं। और इस मेले के माध्यम से लोगों को दृष्टिबाधित बच्चों की शिक्षा और उनकी प्रतिभा के बारे में जागरूक कर रहे हैं। उनका मानना है कि यदि ऐसे बच्चों को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे भी समाज में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
