पंचायत खबर टोली
फोर्टम और एक हाई-टेक साॅफ्टवेयर एजेंसी फ्यूचराइस मार्च 2018 से करेंगे उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में बूंद के सहयोग से प्रायोगिक तौर पर सोलर 2 गो इंटेलिजेंट माॅनिटरिंग प्लेटफाॅर्म साॅल्यूशन की शुरूआत
नयी दिल्ली: एक ओर केंद्र सरकार हर गांव में बिजली पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है वहीं दूसरी ओर सौर्य उर्जा से हमारे गांव जगमग हों इस दिशा में भी प्रयास हो रहा है। इसी दिशा में कदम बढ़ाया है फिनलैंड की ऊर्जा क्षेत्र की दिग्गज फोर्टम और हाई-टेक साॅफ्टवेयर एजेंसी फ्यूचराइस ने ताकि ग्रामीण भारत को किफायती और भरोसेमंद ऊर्जा समाधान मुहैया कराया जा सके। इसका उद्देष्य मार्च, 2018 से उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में अपने सोलर 2 गो इंटेलिजेंट माॅनिटरिंग प्लेटफाॅर्म समाधान के साथ अपना पहला पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का है। सोलर 2 गो सौर ऊर्जा आधारित माइक्रो-ग्रिड्स को बढ़ावा देने में मदद करता है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर षुरूआत के लिए फोर्टम ने बूंद के साथ गठबंधन किया है जो भारत की अच्छी तरह स्थापित सौर ऊर्जा कंपनी है।
सोलर2गो, फोर्टम के परियोजना प्रबंधक निनाद मुतटकर ने कहा कि, ’’समावेशी आर्थिक विकास का लक्ष्य प्राप्त करने की कोशिश कर रहे किसी भी देश के लिए आवष्यक ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिहाज से बिजली की पहुंच या भरोसेमंद समाधान से दूर लोगों के लिए किफायती और भरोसेमंद ऊर्जा समाधान सुनिश्चित करना आवश्यक है। सोलर 2 गो स्थानीय सौर कंपनियों के लिए एक नवोन्मेशी और किफायती समाधान की पेशकेश करता है जिसका उद्देश्य तेज और लागत अनुकूल विकास, परिचालन और सौर ऊर्जा माइक्रो-ग्रिड्स को तेजी से बढ़ावा देना है।’’
अगर आंकड़ों पर गौर करें तो आज भी ग्रामीण भारत में करीब 20 करोड़ लोगों के घरों में बिजली नहीं है। इस निर्णायक चुनौती का समाधान करने के लिए आईटी समाधानों और ऊर्जा समाधानों के बीच एक अंतरसंबंध स्थापित करना आवष्यक है। सोलर 2 गो का उद्देश्य इस चुनौती का समाधान करना और भारत में ग्रामीण आबादी के बड़े हिस्से को किफायती कीमत पर बिजली की पहुंच सुनिश्चित कराना है। सोलर2गो सौर कंपनियों को ऐसे समाधान मुहैया कराता है जिससे आखिरी ग्राहक से भरोसेमंद ढंग से भुगतान लिया जा सके और इसके साथ ही बेहतर ग्राहक समर्थन और परिचालन दक्षता मुहैया कराने में भी मदद करता है। उपभोक्ताओं के लिए भुगतान के साथ प्रयोग माॅडल की वजह से भारी-भरकम निवेश की जरूरत खत्म हो जाती है जिसकी वजह से सौर ऊर्जा लाखों परिवारों के लिए किफायती और पहुंच में आ सके।
वहीं बूंद इंजीनियरिंग एंड डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक रुस्तम सेनगुप्ता ने कहा कि, ’’बगैर एक स्मार्टफोन के इस्तेमाल किया जा सकने वाला एक डिजिटल साॅल्यूशन संभावित उपभोक्ताओं की वृद्धि को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देता है। भारतीय बाजार का अनुमान अकेले माइक्रो ग्रिड्स के लिए करीब 2 करोड़ परिवारों का है। हालांकि सोलर2गो को अर्ध-ग्रामीण या शहरी इलाकों में समाधानों को ग्रिड संपर्क के साथ बढ़ावा देने के लिए भी डिजाइन किया गया जो इसकी संभावना को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा रहा है और पूरी तरह से सरकार के ग्रामीण विस्तार रणनीति का समर्थन करता है।’’
इसके अलावा सोलर 2 गो समाधान का उद्देश्य महत्वपूर्ण डेटा आधारित जानकारियां स्थानीय एनर्जी ग्रिड के डेवलपर्स और परिचालकों के साथ-साथ अकादमिक और नीति निर्माताओं को मुहैया कराना है। इससे परियोजनाओं के बेहतर परिचालन प्रबंधन, अंतिम उपभोक्ताओं के स्तर पर जानकारियों में, रखरखाव संबंधी चेतावनियों में मदद करने के साथ ही आपूर्ति एवं मांग के स्रोतों के अधिकतम इस्तेमाल और विभिन्न ग्रिडों के बीच संवाद में मदद करता है। एकीकृत भुगतान समाधान नकदरहित लेनदेन की अनुमति देकर, पारदर्शिता लाने के साथ ही तत्काल लाॅकिंग और गड़बड़ी के मामले में डिवाइसों को अनलाॅकिंग की सुविधा देकर मूल्य श्रृंखला को स्वचालित बनाने मदद करता है।
शवरपी वैटिनेन, डिजाइन स्ट्रैटेजिस्ट, फ्यूचराइस ने कहा, ’’हमारा मानना है कि कारोबार करते हुए गंभीर और सकारात्मक प्रभाव पैदा करना संभव है। सोलर2गो में बिजली की पहुंच में सुधार करते हुए जलवायु परिवर्तन की दर को कम करने, भारत में वायु गुणवत्ता में सुधार करने और देश को पेरिस समझौता लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करने की संभावना है। न सिर्फ भारत बल्कि कई उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं के ग्रामीण बाजार जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा संसाधनों से विकेंद्रीकृत बेहतर प्रणालियों की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं जो स्थानीय डेवलपर्स को उनका कारोबार बढ़ाने में मदद करे।’’

