कौशल विकास मिशन: महोबा जिले के बेरोजगारों को रोजगार

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महोबा। कौशल विकास मिशन का असर जिले में अब रंग लाने लगा है। केंद्र सरकार की यह योजना महोबा जिले के बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराने में मददगार साबित हो रही है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में प्रशिक्षण पाने वाले जिले के 65 फीसदी से ज्यादा बेरोजगारों को निजी कंपनियों में नौकरी हासिल हुई है।

कौशल विकास मिशन के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 में जिले में बेरोजगारों को माइक्रो फाइनेंस एग्जीक्यूटिव, ब्यूटी थेरेपी, ड्रिल मशीन ऑपरेटर व फैशन डिजाइनर ट्रेड में 1,252 युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष शत-प्रतिशत अभ्यर्थियों का पंजीयन किया गया। गुजरे वित्तीय वर्ष में 513 बेरोजगारों को इन ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया गया जबकि शेष अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण अभी चल रहा है। 513 प्रशिक्षुओं में कौशल विकास मिशन के अधिकारी 342 युवाओं को निजी कंपनियों में नौकरी दिलवाने में सफल रहे।

तीन संस्थाएं दे रहीं प्रशिक्षण
माइक्रो फाइनेंस एग्जीक्यूटिव व फैशन डिजाइनिंग का प्रशिक्षण दिए जाने के लिए शासन स्तर से हरियाणा की संस्था नेशनल पैरामेडिकल साइंसेज सोसायटी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह संस्था जिले के पनवाड़ी कस्बे में बेरोजगारों को इन ट्रेडों का प्रशिक्षण दे रही है। ड्रिल मशीन ऑपरेटर ट्रेड का प्रशिक्षण दिए जाने की जिम्मेदारी राजकीय आईटीआई महोबा की है जबकि ब्यूटी थेरेपिस्ट ट्रेड के प्रशिक्षण का काम बांदा जिले की शोभा फाउंडेशन सोसायटी को सौंपी गई है।

कोट
कौशल विकास मिशन के जिला एमआईएस मैनेजर ओमप्रकाश यादव का कहना है कि जिन अभ्यार्थियों का अभी हाल में ही प्रशिक्षण पूरा हुआ है उन्हें भी निजी कंपनियों में नौकरी दिलाने का प्रयास जारी है। कौशल विकास मिशन के तहत प्रशिक्षण के साथ ही युवाओं को रोजगार से जोड़ने का काम किया जा रहा है। ताकि अधिक से अधिक प्रशिक्षुओं को नौकरी मिल सके।

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