जनपद पंचायत राजपुर की ग्राम पंचायतों में स्वच्छता अभियान के तहत बनवाए गए शौचालयों के निर्माण में करोड़ों रुपए की गड़बड़ी की गई। वहीं करीब 20 फीसदी आवास अब तक अधूरे हैं।
ऐसा कोई भी पंचायत नहीं है जहां अधूरे शौचालय नहीं हैं। जब अधिकारियों को इसकी शिकायत मिली तो जांच के नाम पर महज सोलह पंचायतों में अपूर्ण शौचालय की रिपोर्ट तैयार की गई। जबकि हकीकत यह है कि इन पंचायतों के अलावा जहां पूरी तरह से शौचालय बनना बताया जा रहा है। वहां भी शौचालयों का निर्माण अधूरा है। बता दें कि 62 ग्राम पंचायतों में मनरेगा एवं स्वच्छ भारत मिशन के तहत करीब 24 करोड़ रुपए शौचालय निर्माण में खर्च किए गए हैं। खास बात यह है कि शासन को गलत जानकारी देकर अधूरे शौचालयों को पूरा बता कर 26 जनवरी 2017 में राजपुर के तत्कालीन सीईओ राष्ट्रपति से ओडीएफ का प्रमाण-पत्र भी ले चुके हैं। आलम यह है कि कई पंचायतों में सॉफ्टिंग टैंक खोदकर छोड़ दिया गया है, तो उस पर किया गया ढलाई टूट गया है। वहीं कई जगह शौचालयों में दरवाजे निकल गए हैं और घटिया निर्माण के कारण शौचालय उपयोग लायक नहीं हैं।
सरकारी जांच में सिर्फ 437 शौचालय अपूर्ण मिले
जब ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण में गड़बड़ी की जांच की मांग की गई तो अधिकारियों ने खानापूर्ति के लिए जांच करवाई। जिसमें मनरेगा में ग्राम बादा 51, धन्धापुर 12, कुंदीकला 51, बघिमा 52, रेवतपुर 30, परसवारकला 50, डिगनगर 7, ठरकी 6, मदनेश्वरपुर 8, भदार 9, कर्रा 12, चंद्रगढ़ 2, कोदोरा 1, कोटाघहना 13, मारकाडांड में 80 व बदौली में 31 शौचालयों का निर्माण नहीं होना बताया गया। जबकि जमीनी स्तर पर हकीकत अलग है। इन पंचायतों में जितने बताए गए उससे दोगुना शौचालय बने ही नहीं हैं।
20 हजार शौचालयों का होना था निर्माण
जनपद में मनरेगा से करीब 13 हजार एवं स्वच्छ भारत मिशन के तहत करीब 7 हजार घटिया शौचालय का निर्माण किया गया है। शौचालय निर्माण कार्य में इस्टीमेट को दर किनार कर घटिया ईंट, कम सीमेंट, बगैर आईएसआई के पाइप, कमजोर हल्के दरवाजे लगाकर बचाई गई राशि अधिकारी, कर्मचारी, सरपंच, सचिव, उप सरपंचों ने हजम कर दी है।
दूसरे मदों की राशि में भी गड़बड़ी
जिला पंचायत से शौचालय निर्माण के लिए आनन-फानन में सीधे ग्राम पंचायतों के खाते में रुपए डाल दिए गए। वहीं इसके बाद भी सचिवों ने शौचालय निर्माण व उनकी मरम्मत के नाम पर 13 वें 14 वित्त मद की राशि भी इसी काम में खर्च कर दी। लेकिन उसका समायोजन नहीं करवाया है। इसमें भी पूरे जनपद में लाखों रुपए की गड़बड़ी हुई है।
(साभार: दैनिक भास्कर)
