पूर्वोत्तर रेलवे मंडल चिकित्सालय वाराणसी में कोरोना के खतरनाक वेरिएंट से निपटने की तैयारियां तेज…

0
160
  • ऑक्सीजन प्लांट एवं ऑक्सीजन सप्लाई सेन्ट्रल कन्ट्रोल बैक-अप पैनलों की जांच की गयी

वाराणसी: पूरी दुनिया में एक बार फिर कोरोना के खतरनाक वेरिएंट को लेकर चर्चा हो रही है। ऐसे में भारत में भी इससे लड़ने की तैयारी व्यापक तौर पर की जा रही है। इसी को देखते हुए वाराणसी स्थित पूर्वोत्तर रेलवे मंडल चिकित्सालय लहरतारा में चिकित्सा अधिकारियों द्वारा निरीक्षण कर स्थिती का जायजा लिया गया।


क्या कहते हैं विशेषज्ञ
चिकित्सा अधीक्षक डा आर जे चौधरी के निर्देशन में कोरोना के नये खतरनाक वेरिएंट से निपटने की तैयारियों के अंतर्गत ऑक्सीजन प्लांट एवं ऑक्सीजन सप्लाई सेन्ट्रल कन्ट्रोल बैक-अप पैनलों की जांच की गयी। इसी क्रम में अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एवं संज्ञाहरण विशेषज्ञ डॉ नीरज कुमार के नेतृत्व में आज मंडल चिकित्सालय पर स्थापित ऑक्सीजन जेनरेशन प्लान्ट, ऑक्सीजन सिलेण्डरों के स्टोरेज, पाइप ऑक्सीजन, बाई पम्प वेंटिलेशन मशीन एवं कार्डियक मॉनिटर की कार्यप्रणाली के बारे में पैरा मेडिकल स्टाफ एवं चिकित्सकों को जानकारी दी गयी।
डॉक्टरों की राय
अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ नीरज कुमार ने बताया कि मंडल चिकित्सालय के सभी ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर और वेंटिलेटर की भी जांच कर ली गई है। मंडल चिकित्सालय में स्थापित ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट प्रति मिनट 250 लीटर ऑक्सीजन का प्रोडक्शन करता है, जो ऑक्सीजन सिलेण्डरों के स्टोरेज के साथ-साथ 50 बेडों पर मरीजों को निर्बाध रूप से सप्लाई की जा सकती है। यदि किन्ही कारणों से ऑक्सीजन प्लान्ट बंद पड़ जाता है तो ऑक्सीजन की निर्बाध सप्लाई सेन्ट्रल कन्ट्रोल बैक-अप पैनलों के माध्यम से जारी रखी जा सकती है। उन्होंने बताया की मंडल चिकित्सालय के सभी उपकरणों एवं उनकी क्रियाशीलता परखी जा चुकी है और मंडल चिकित्सालय किसी भी आपात मेडिकल परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार है।


की जा रही है जरूरी व्यवस्था
मंडल चिकित्सालय पर कोरोना वायरस के नये वैरिएंट से बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं जिसके अंतर्गत – सार्वजनिक संपर्क के दौरान मास्क, सैनिटाइजर और ग्लव्स जैसे सुरक्षात्मक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। कोरोना मामलों के लिए आवश्यक ओपीडी दवाओं की उपलब्धता एवं इनडोर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित किया जा रहा है। जांच सुविधाएं आरटीपीसीआर, सीटी स्कैन, एक्स रे, पैथोलॉजी की जांच से जुड़े संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था की गयी है। ऑक्सीजन प्लांट, कंसंट्रेटर्स और सिलेंडर के जरिए सभी बेडों पर ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है। कोविड वैक्सीनेशन की एहतियाती खुराक के साथ छूटे हुए सभी कर्मचारियों का निरंतर टीकाकरण कराया जा रहा है जिससे सभी कर्मचारियों को कवर किया जा सके। इसके साथ ही अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए पृथक्करण समेत आवश्यक सभी वस्तुओं की उपलब्धता की जा रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here