मिसाल: उत्तर प्रदेश के बिजनौर स्थित मुबारकपुर कलां गांव के लोगों स्वच्छ भारत अभियान के तहत अपने पैसे से घरों में शौचालयों का निर्माण कराया। इस मुस्लिम बहुल गांव को माह-ए-रमजान के पहले दिन खुले में शौच से मुक्त गांव का दर्जा मिला है।
बिजनौर:यह उप्र के बिजनौर स्थित मुबारकपुर कलां गांव है। यहां के ग्रामीणों के प्रचंड पुरुषार्थ ने स्वच्छ भारत मिशन की नींव पर हौसलों की बुलंद इमारत खड़ी करते हुए खुले में शौच की लाइलाज बीमारी जड़ से उखाड़ फेंकी है। स्वच्छता के इस महायज्ञ में पूरे गांव ने आहुति दी। स्वेच्छा से अपने पैसे से घरों में शौचालयों का निर्माण कराया। सरकार से इस मद के लिए मिली 17.56 लाख की बड़ी रकम वापस कर दी। खुले में शौच की सामाजिक बीमारी से निजात दिलाने के लिए केंद्र व उप्र सरकार स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से प्रेरित इस गांव के लोगों ने बैठक कर सर्वसम्मति से तय किया कि सरकारी पैसे से नहीं, सभी लोग घरों में अपने खर्चे पर शौचालय निर्माण कराएंगे। इस सकारात्मक सोच ने राह दिखाई।
देखते ही देखते चार हजार से ज्यादा आबादी वाले इस मुस्लिम बहुल गांव के घर-घर में शौचालय बनने लगे। माह-ए-रमजान के पहले दिन गांव को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) कर दिया गया।
ग्राम प्रधान किश्वर जहां ने बताया कि कई महिलाएं खुद को असहज महसूस करती थीं। महिला होने के नाते उन्हें भी शौच के लिए बहू-बेटियों का बाहर जाना खलता था। हमने लोगों से गांव को खुले में शौच के अभिशाप से मुक्ति दिलाने के लिए बात की। सामूहिक कोशिश रंग लाई और जिन घरों में शौचालय नहीं थे, वे सब न केवल मान गए बल्कि सरकारी मदद लेने से भी इन्कार कर दिया। सब इस बात पर एक राय थे कि कुछ ऐसा किया जाए जो दूसरे गांववालों के लिए भी नजीर बने। उनमें भी सामाजिक बुराई से लड़ने का जज्बा पैदा हो। गांव में 661 परिवारों में से 146 के लिए शौचालय बनने थे। ये सब बन गए। नतीजा आपके सामने है। गांव के साथ-साथ घरों की तस्वीर भी बदल गई है। प्रधान बताती हैं कि देखिए रमजान के पहले दिन यानी 28 मई को पूर्व प्रधान कफीलुद्दीन, बीडीसी सरफुद्दीन, इसलामुद्दीन, अब्दुल हक, शकील व फुरकान आदि की मौजूदगी में हमने ग्राम पंचायत की खुली बैठक की। इस नेक काम को पूरा करने और कराने वालों की तारीफ करते हुए गांव को खुले में शौच मुक्त घोषित करने का प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेज दिया। हमने छह जून को 17.56 लाख रुपये का चेक भी स्वच्छता समिति को वापस कर दिए।
स्वतंत्रता दिवस तक पूरा जिला बनेगा ओडीएफ
मुबारकपुर कलां को खुले में शौच से मुक्त गांव का दर्जा मिल गया है। जिले में 1128 ग्राम पंचायतों में से 630 खुले में शौच से मुक्त हो चुकी हैं। स्वतंत्रता दिवस तक जिले को पूरी तरह से ओडीएफ (ओपेन डेफिकेशन फ्री) घोषित करने का लक्ष्य है। पूर्व में पांच ग्राम पंचायतें जटपुरा, शेखूपुरा, शाहलीपुर आशा, फुलसंदा गंगदास और जटपुरा बोंडा खुद शौचालय बनवाकर धनराशि वापस कर चुकी हैं। मुबारकपुर कलां को जलभराव की समस्या से निजात दिलाएंगे। डा. इंद्रमणि त्रिपाठी, सीडीओ कहते हैं कि ग्रामीणों का प्रयास सराहनीय है।ग्राम पंचायत मुबारकपुर के ग्रामीणों ने प्रशंसनीय और प्रेरक कार्य किया है। जिलाधिकारी,जगत राज ने कहा कि पंचायत में काम कर रही निगरानी समिति व अन्य ग्रामीणों को सम्मानित करेंगे।(दैनिक जागरण से साभार)


