वर्षा वर्मा
सोलन: भारत के लोग कई कारण से परेशान रहते हैं। इस संख्या मे एक कारण बेरोजगारी भी है और बेरोजगारी की मार सबसे ज्यादा युवाओं को लगाती है। आज के समय में शिक्षा का अपना महत्व है।
बच्चे को बचपन से ही उनके माता-पिता पढ़ाने लगते हैं। और बच्चे पढ़ते भी है लेकिन इन सारी पढ़ाइयों का एक ही मकसद होता है अच्छी नौकरी करना। अगर आप अच्छे से पढ़ाई कर रहे हैं। तो आपकी अच्छी नौकरी पक्की है। युवाकों के इतने पढ़ने के बावजुद आज के समय में युवा ही बेरोजगार है। पहाड़ी क्षेत्र कि बात करें तो वह रोजगार के अवसार ही नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार ने यह अभियान शुरू किया है। आईये जानते है इसके बारे में।
दरअसल इस बार हिमाचल प्रदेश सैनिक रेस्ट हाउस में स्वदेशी जागरण मंच द्वारा स्वावलंबी भारत अभियान के तहत एक कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें करीब 200 से अधिक लोगों ने भाग लिया।
इस दौरान मीडिया से बातचीत में स्वदेशी जागरण मंच के संगठन मंत्री विनय कुमार ने बताया कि हिमाचल प्रदेश की 74 लाख जनसंख्या में से 15 से 29 वर्ष की आयु के करीब 20 लाख नौजवान हैं। ऐसे में इन युवा शक्ति को रोजगार के लिए काम भटकना पड़ेगा और वह अपना रोजगार स्वावलंबी के रूप में खुद ही शुरू करें इसके लिए वे युवाओं को अलग-अलग जिलों में जाकर जागरुक कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सैनिक रेस्ट हाउस में भी सोलन जिला के युवाओं के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया था जिसमें उन्हें बताया गया है कि वह किस तरह से हॉर्टिकल्चर और टूरिज्म की दिशा में आगे बढ़कर रोजगार पा सकते हैं और रोजगार सृजित कर औरों को रोजगार दे सकते हैं।
उन्होंने ये भी बताया कि हर साल 30000 हिमाचल का युवा रोजगार के लिए बाहर जाता है लेकिन नॉनस्किल्ड होने के कारण वे रोजगार नहीं पता है ऐसे में इन युवाओं को हॉर्टिकल्चर क्षेत्र में आगे बढ़ाने की जरूरत है और टूरिज्म क्षेत्र हिमाचल प्रदेश में एक ऐसा क्षेत्र है जहां पर रोजगार आसानी से बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में स्कूल कॉलेज में जाकर युवाओं को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।
संगठन मंत्री ने कहा कि इससे पहले भी ऊना कांगड़ा कुल्लू में भी कार्यशाला का आयोजन कर चुके हैं विनय कुमार ने बताया कि इसके बाद वे कॉलेज और यूनिवर्सिटी में जाकर युवाओं को जागरूक करेंगे ताकि वह रोजगार की तलाश में ना भटक कर खुद रोजगार बनाएं और दूसरों को भी रोजगार दें।
