
नई दिल्ली: विश्वपटल पर भारतीयों ने देश का नाम खूब रौशन किया है। भारत में जन्में ऐसे कई व्यक्ति हुए जिन्होंने विदेशों में जाकर व्यापार से लेकर रिसर्च तक झंडे गाड़े है। एक बार फिर भारतीय मूल के व्यक्ति चर्चा के केंद्र में है। दरअसल मिर्जापुर में जन्मे राजकुमार मिश्रा, जो उच्च शिक्षा के लिए पांच साल पहले ब्रिटेन चले गए थे, वो लंदन में बेलिंगबरी शहर के मेयर चुने गए हैं। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के भटेवरा गांव के मूल निवासी मिश्रा मूल रूप से कंप्यूटर साइंस में एमटेक करने के लिए लंदन गए थे। पेशे से इंजीनियर, वे अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद वहीं रहे, नौकरी की और धीरे-धीरे स्थानीय राजनीति में अपना हांथ आजमाया और आज वो मेयर बन कर अपने गाँव और भारत का नाम रौशन किया है।
उनका चुनाव कंजर्वेटिव पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हुए पार्षद के रूप में अपनी पहली जीत हासिल करने के कुछ ही दिनों बाद हुआ है। ग्रामीण भारत से ब्रिटिश सार्वजनिक पद तक मिश्रा की उल्लेखनीय यात्रा का उनके गृहनगर और यूके दोनों में जश्न मनाया गया है, परिवार के सदस्यों और अधिकारियों ने उनकी उपलब्धि को भारतीय प्रवासियों और युवाओं को प्रेरित किया है।
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एक हफ्ते बाद ही राजकुमार मिश्रा बनें मेयर
3 अप्रैल को मिश्रा पार्षद चुने गए और उसके ठीक एक सप्ताह बाद 12 अप्रैल को उन्हें बेलिंगबरी के मेयर के रूप में मनोनीत किया गया और शपथ दिलाई गई। लंदन से एक वीडियो संदेश में उन्होंने इस खबर की पुष्टि की और अपने चुनाव पर खुशी जाहिर की।
राजकुमार मिश्रा का मेयर बनना वैश्विक भारतीय प्रवासियों के बढ़ते प्रभाव का प्रतीक है। राजकुमार मिश्रा की कहानी कई अप्रवासियों से मिलती-जुलती है जो अपनी विरासत से जुड़े रहते हुए एक नए देश में भी एक बड़ा मुकाम हांसिल करते हैं। राजकुमार मिश्रा ने खुद कहा, “मेरी यात्रा इस बात का सबूत है कि कड़ी मेहनत और समर्थन से कोई भी अपने सपनों को हासिल कर सकता है, चाहे वे कहीं से भी शुरू करें।


