आज फिर दिल्ली कूच…किसान तीसरी बार बढ़ेंगे आगे,अंबाला के कुछ हिस्‍सों में इंटरनेट सेवा बंद

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वर्षा वर्मा

नई दिल्ली: पिछले 10 महीनों से आंदोलन कर रहे किसान आज फिर एक बार दिल्‍ली कूच के लिए निकले है। हाल ही में किसानों की दिल्‍ली कूच की दो कोशिशों को पुलिस ने विफल कर दिया था। वहीं किसानों के मार्च को ध्‍यान में रखते हुए अंबाला में कई हिस्‍सों में इंटरनेट सेवा रोक दी गई है। दिल्‍ली कूच को लेकर किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि आज विरोध प्रदर्शन का 307वां दिन है। आज शंभू बॉर्डर से 101 किसानों का तीसरा ‘जत्था’ 12 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो चुका है। पूरा देश इस विरोध प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है।

पीएम और गृह मंत्री को डल्‍लेवाल की चिंता नहीं
पंढेर ने कहा कि जसविंदर सिंह लोंगोवाल और मलकीत सिंह के नेतृत्व में हमारा तीसरा समूह ठीक 12 बजे यहां से शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ेगा। हमें खनौरी से सूचना मिल रही है कि जगजीत सिंह दल्लेवाल की तबीयत ठीक नहीं है। पीएम और गृह मंत्री को छोड़कर पूरा देश उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है। न तो वे हमारे दिल्ली मार्च को लेकर चिंतित हैं। न ही वे खनौरी में जो हो रहा है। उससे चिंतित हैं। हमारा मानना ​​है कि समिति बनाना हमारी समस्या का समाधान नहीं है। अगर सरकार समाधान पर पहुंचना चाहती है। तो उन्हें हमारे साथ बातचीत करनी चाहिए। इधर, दिल्ली की ओर किसानों के मार्च के मद्देनजर हरियाणा में 14 दिसंबर सुबह 6 बजे से 17 दिसंबर रात बजे तक अंबाला के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गईं हैं। हरियाणा के गृह विभाग ने इसका आदेश जारी किया है।

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अंबाला डीसी का बयान
वहीं अंबाला के डिप्टी कमिश्नर पार्थ गुप्ता ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि किसानों को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली है। डिप्टी कमिश्नर गुप्ता ने कहा कि किसानों को दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली है। अगर आपके पास जरूरी अनुमति है। आप आगे बढ़ सकते हैं। लेकिन अगर नहीं है। तो हमें आपकों रोकना होगा। हम किसानों से शांति बनाए रखने की अपील करते हैं।

सरकार को करनी चाहिए बातचीत
इससे पहले भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार विफल रही है। उन्‍हें किसानों से बातचीत करनी चाहिए। भूख हड़ताल खत्म होनी चाहिए। गौरतलब है कि किसान 12 मांगों का चार्टर मांग रहे हैं। जिसमें राज्य और केंद्र सरकार द्वारा फसलों के लिए एमएसपी को पूरा करना भी शामिल है।

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