झारखंड कृषि ऋण माफी योजना: इस योजना का उद्देश्य झारखंड के अल्पावधि ऋण धारक किसानों को ऋण के बोझ से राहत प्रदान करना है।
राची: झारखंड सरकार ने किसानों के ऋण के बोझ को कम करने के लिए झारखंड कृषि ऋण माफी योजना शुरू की है। इस योजना के तहत उन किसानों का कर्ज माफ किया जा रहा है जो अपना कर्ज चुकाने में असमर्थ हैं। योजना के तहत, राज्य सरकार 50000 रुपये तक का ऋण माफ करेगी। यह योजना 1 फरवरी, 2021 को शुरू की गई थी।
इस योजना का उद्देश्य झारखंड के अल्पावधि ऋण धारक किसानों को ऋण के बोझ से राहत प्रदान करना है। इसका उद्देश्य फसल ऋण धारकों की ऋण पात्रता में सुधार करना, नए फसल ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित करना, कृषक समुदाय के प्रवास को रोकना और कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
झारखंड कृषि ऋण माफी योजना की विशेषताएं
- आधार कार्ड और राशन कार्ड द्वारा कवर किए गए मानक केसीसी ऋण का विवरण बैंक द्वारा ऋण माफी पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है।
- 31 मार्च 2020 तक मानक फसल ऋण पर इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।
- 31 मार्च, 2020 तक ‘मानक फसल ऋण’ बकाया खातों में 50,000 रुपये तक की बकाया राशि माफ कर दी जाएगी।
- यह योजना एक वेब पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन लागू की जाएगी।
- ऑनलाइन कार्यान्वयन से आवेदक और अधिकारियों के बीच न्यूनतम संपर्क होगा।
- आवेदक के आधार नंबर और कागज रहित आवेदन प्रक्रिया का उपयोग करके सही लाभार्थियों की पहचान।
- आसान ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
- आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) और बैंकों के माध्यम से की जा रही है ताकि आवेदकों को अपने घर के पास ही योजना की सुविधा मिल सके।
- डीबीटी के माध्यम से बकाया ऋण का पुनर्भुगतान।
- आवेदकों की शिकायतों का समाधान ऑनलाइन माध्यमों से किया जाएगा।
झारखंड कृषि ऋण माफी योजना की पात्रता
- वे झारखंड के स्थायी निवासी होने चाहिए
- छोटे और सीमांत किसान जिन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके ऋण लिया है।
- ऐसा किसान होना चाहिए जो अपनी भूमि पर स्वयं खेती करता हो या ऐसा किसान होना चाहिए जो पट्टे पर ली गई भूमि पर खेती करता हो
- कम से कम उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए।
- प्रति परिवार केवल 1 किसान को ऋण माफी की अनुमति है।
- ऋण 31 मार्च 2020 से पहले बैंकों से लिया गया होना चाहिए।
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