आँगन की रौनक’ को सशक्त करने के उद्देश्य के साथ मनाया जा रहा है अंतराष्ट्रीय बालिका दिवस ,जानिए कैसे हुई इसकी शुरूआत

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भावना त्रिपाठी

दशकों से समाज में लिंग आधारित भेद-भाव किया जा रहा है । समय के साथ इसमें कुछ कमी आई है ,लेकिन आज भी ये भेदभाव समाप्त नहीं हुआ है । इस भेदभाव को खत्म करने और बेटियों के अधिकारों के संरक्षण के उद्देश्य के साथ हर साल अंतराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है।इस दिन बालिकाओं को उनके अधिकारों और महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूक किया जाता है।

किसने की पहल?

वैश्विक स्तर पर मनाए जाने वाले इस दिन की पहल एक गैर-सरकारी संगठन ने की थी । इस संगठन का नाम प्लान इंटरनेशनल’ है।इस संगठन ने ‘क्योंकि मैं एक लड़की हूं’ नाम से एक अभियान की शुरुआत की थी। इस अभियान को अंतराष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित करने के लिए कनाडा सरकार से संपर्क किया ।जिसके बाद कनाडा सरकार ने 55 वें आम सभा में इस प्रस्ताव को रखा ।19 दिसंबर 2011 को संयुक्त राष्ट्र ने इस प्रस्ताव को पारित किया और ये तय किया गया कि हर साल 11 अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाएगा। पहली बार ये दिवस 11 अक्तूबर 2012 को मनाया गया था। हर साल एक नए थीम के साथ इस दिन को मनाया जाता है । उस समय इसका थीम बाल विवाह को समाप्त करना था । इस साल यानि 2023 में इसका थीम ‘अब हमारा समय है-हमारे अधिकार, हमारा भविष्य’ रखा गया है ।

क्यों मनाया जाता है अंतराष्ट्रीय बालिका दिवस ?

इस दिन को मनाने का उद्देशय बेटियों को समान अधिकार दिलाना और उनकी अवाज को सशक्त करना है । इसके साथ ही बच्चियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और समाज में उनकी हिस्सदारी बढ़ाने के लक्ष्य के साथ पूरी दुनिया में इस दिन को सेलिब्रेट किया जाता है। सभी को शिक्षा पाने का अधिकार है हलांकि आज भी कई बच्चियां इस अधिकार से वंचित है इस दिन बेटियों को शिक्षित करने के लिए लोगों में जागरूकता फैलाई जाती है।इस दिन दुनिया को ये संदेश दिया जाता है कि बेटिया बोझ नहीं है और उन्हें भी आगे बढ़ने और सम्मानित जीवन जीने का हक है । अंतराष्ट्रीय बालिका दिवस का लक्ष्य समाज में महिलाओं और बच्चियों के जीवन में सुधार के लिए काम करने और उन्हें एक बेहतर भविष्य देने के लिए प्रेरित करता है।

भारत में आयोजित किए गए है ये कार्यक्रम

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर महिला विकास निगम, समाज कल्याण विभाग, बिहार एवं सखी वन स्टॉप सेंटर सह महिला हेल्पलाइन के तत्वाधान में जिला एवं सभी ब्लॉक लेवल पर बेटियों के प्रोत्साहन के लिए अलग अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए है। इस खास अवसर पर बालिकाओं की साइकिल रैली निकाली जाएगी। आपको बता दें कि ये रैली समाहरणालय के मुख्य द्वार से शुरू होकर चांदमारी चौक होते हुए टाउन हॉल तक जाएगी। इसके साथ ही गुरुवार को श्रम अधीक्षक कार्यालय में पेंटिंग और भाषण प्रतियोगिता होगी। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ से संबंधित नुक्कड़ नाटक आयोजन चांदमारी चौक एवं अंबेडकर चौक पर किया जाएगा।

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