भारत सरकार में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने विभिन्न खाद्यान के व्यापार में संतुलन के लिए पूर्ण या आंशिक प्रतिबंध पर बात करते हुए सोमवार को कहा कि गेहूं, चावल और चीनी पर प्रतिबंध के बावजूद वित्त वर्ष 2023/24 में भारत का कृषि निर्यात पिछले साल से बढ़ेगा।
दुनिया में गेहूं, चावल और चीनी का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक भारत ने बढ़ती घरेलू कीमतों पर लगाम लगाने के लिए पिछले साल इन वस्तुओं के निर्यात को प्रतिबंधित कर दिया था।
रॉयटर्स ने पिछले महीने रिपोर्ट दी थी कि इन प्रतिबंधों से इस साल लगभग 4 से 5 बिलियन डॉलर की कमी होने की संभावना है।
नई दिल्ली में एक सम्मेलन में व्यापार मंत्री पीयूष गोयल ने अपने संबोधन में कहा, “2022-23 में हमारा कुल कृषि निर्यात लगभग 53 बिलियन डॉलर था, और हमें उम्मीद है कि चावल, गेहूं या चीनी के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद चालू वर्ष में यह संख्या बढ़ेगी।”
राज्य संचालित व्यापार निकाय एपीडा के आंकड़ों से पता चला है कि इस साल अप्रैल और नवंबर के बीच मांस और डेयरी, अनाज व प्रोसेस्ड, फलों और सब्जियों के निर्यात में वृद्धि हुई है।
👉कभी खेती मजबूरी मे अपनाया था, वैज्ञानिकों ने मीराबी के खेती के तरीके को नाम दिया- मीरबी मॉडल
