संतोष कुमार सिंह
नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देश के नागरिकों से अपील की थी कि वे अब नकद रहित लेन देन की प्रक्रिया को अपनायें। ऐसे में सवाल उठने लगा कि आखिर हमारे गांव—गंवई का किसान जो अभी तक गल्ला,मंडी,बैंक,सहकारी समितियों के जरिए लेन देन करता है प्रधानमंत्री के ई वॉलेट और इंटरनेट बैंकिग के जरिए नकदी रहित लेन देन से कैसे जुड़ पायेगा। ऐसे में प्रधानमंत्री के सपनों को जमीन पर उतारने के लिए विशेष रूप से किसानों को इस व्यवस्था से जोड़ने के लिए आगे आया है इफको। जी हां, उर्वरक क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी सहकारी संस्था इंडियन फारमर्स फर्टिलाइजर कोआपरेटिव लिमिटेड (इफको) ने किसानों को नकदरहित लेनदेन के फायदे समझाने का बीड़ा उठाया है। इफको किसानों को मोबाईल बैंकिग, ई वा̆लेट और इंटरनेट बैंकिग जैसे डिजिटल माध्यमों के बारे में प्रशिक्षण देगा। अपनी 36000 सदस्य सहकारी समितियों के माध्यम से लगभग 5 करोड़ किसानों को नोटबंदी के दौरान सहायता उपलब्ध कराना इफको का लक्ष्य है। देश की दो तिहाई जनता गांवों में रहती है जहाँ अधिकांश कारोबार नकदी लेनदेन के जरिये ही होता है।
कई जगह आयोजित की गयी संगोष्टि
बुआई के दिनों में ज्यादातर किसान बीज और खाद जैसे खेती की जरूरी चीजें नकद से ही खरीदते हैं। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में ई–वा̆लेट, मोबाईल और इंटरनेट बैंकिंग जैसी तकनीक की जानकारी के अभाव में किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए इफको ने दादरी (यूपी), पलवल (हरियाणा) और देहरादून(उत्तराखण्ड) में संगोष्ठियां आयोजित की हैं। प्रत्येक संगोष्ठी में लगभग 500 किसानों ने हिस्सा लिया और 50 से ज्यादा किसानों ने पहली बार नकदीरहित लेनदेन करके बीज और उर्वरक खरीदा। इन संगोष्ठियों में भारत सरकार के रेलमंत्री श्री सुरेश प्रभु, कृषिमंत्री श्री राधा मोहन सिंह तथा इफको के विपणन निदेशक अरबिन्द राय और निदेशक (तकनीकी) एम.आर. पटेल ने किसानों को डिजिटल बैंकिंग के अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रोत्साहित किया।
पूरे देश में आयोजित होंगे कार्यक्रम
इफको के प्रबंध निदेशक डा उदय शंकर अवस्थी ने मीडिया से बातचीत में बड़े नोटों के विमुद्रीकरण के सरकार के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इससे भारत की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़, पारदर्शी, तकनीकी सक्षम और नकदीरहित बनाने में मदद मिलेगी।
देशभर में फैले अपने विपणन कार्यालयों के जरिये इफको इस अभियान को आगे बढ़ाने में जुट गया है। किसानों को ऑनलाईन और डिजिटल माध्यमों से लेनदेन के साथ–साथ नकदीरहित लेनदेन के फायदे के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।
इफको के 50वें वर्ष में प्रवेश करने के अवसर पर इफको के प्रबंध निदेशक देश भर में 125 स्थानों पर किसानों और सहकारी सदस्यों को संबोधित करेंगे। इन सभी स्थानों पर स्टा̆ल लगाकर किसानों को नकदीरहित लेनदेन के तरीके सिखाए जाएगें तथा उनकी शंकाओं का समाधान किया जाएगा।
