Haryana Congress Manifesto: हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने 40 पन्नों का अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। जिसमें कई वादे किये गये हैं। चंडीगढ़ में चुनाव पर्यवेक्षक अशोक गहलोत, प्रदेश अध्यक्ष उदयभान और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की मौजूदगी में इसे जारी किया गया। हालाकि इस दौरान सांसद कुमारी शैलजा और रणदीप सुरजेवाला गैरहाजिर रहे।
क्या है घोषणा पत्र के मुख्य वादे
चुनावी घोषणा पत्र में कांग्रेस ने वादा किया है कि 18 से 60 साल की महिलाओं को प्रति माह 2 हजार रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा प्रदेश के लोगों को 25 लाख रुपए तक मुफ्त में इलाज मिलेगा। महिलाओं को सरकारी नौकरी में 33 फीसदी आरक्षण देंगे। किसानों की हर फसल को एमएसपी पर खरीदेंगे।
किसान आयोग का गठन और न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी की बात भी कांग्रेसी घोषणा पत्र में शामिल है। इतना ही कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में कहा है कि एक विभाग का गठन किया जाएगा जो सुनिश्चित करेगा कि बड़े पैमाने पर युवाओं का पलायन कैसे रोका जाए।2 लाख सरकारी नौकरी और सरकारी विभागों में ठेके पर भर्ती बंद होगी। वंचितों को 100 वर्ग गज का प्लॉट सुनिश्चित किया जाएगा। अल्पसंख्यक आयोग के गठन की बात घोषणा पत्र में की गई है। सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) बहाल की जाएगी।
पंजाब-हरियाणा के बीच विवादित सतलुज-यमुना लिंक नहर को लेना प्राथमिकता होगी। हरियाणा कौशल रोजगार निगम बंद करेंगे। किसानों से जुड़े पोर्टल बंद करेंगे। परिवार पहचान पत्र पोर्टल को रिव्यू करेंगे। सरकारी नौकरी में खेल कोटा बहाल होगा। शहीद परिवारों को 2 करोड़ की राशि दी जाएगी।
हालांकि अग्निवीर के सवाल पर सबसे ज्यादा मुखर रही कांग्रेस के घोषणा पत्र में अग्निवीर को लेकर कोई वादा नहीं किया गया है। इससे पहले कांग्रेस हर चुनाव में अग्निवीर को लेकर बीजेपी को घेरती रही है। कांग्रेस ने हमेशा अग्निवीर को शहीद का दर्जा न देना और पेंशन को लेकर सरकार को घेरा है लेकिन इस बार घोषणा पत्र में अग्निवीर को लेकर कोई जिक्र नहीं किया गया। इससे पहले कांग्रेस प्रदेश के लिए सात गारंटियां दे चुकी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अगुवाई में सात वादे पक्के इरादे के नाम से जारी किया गया था।
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कांग्रेस में गुटबाजी हावी
गौरतलब है कि, सिरसा से कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा और राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला घोषणा पत्र के दौरान मौजूद नहीं रहे। इससे पहले राहुल गांधी के हस्तक्षेप के बाद शैलजा की राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे के साथ मुलाकात हुई थी। खरगे से मुलाकात के बाद शैलजा ने कहा था कि उनकी रगों में कांग्रेस का खून है और वह कभी बीजेपी में नहीं जाएगी।
दरअसल, हरियाणा कांग्रेस दो धडों में बंटी हुई है। हुड्डा गुट और शैलजा, सुरजेवाला गुट। बीजेपी लगातार कांग्रेस बिखराव को लेकर हमला बोलती रही है और शैलजा को बीजेपी में शामिल होने के लिए कहती रही है। कांग्रेस आलाकमान के लिए भी कांग्रेस गुटबाजी चिंता का विषय बनी हुई है। नेता प्रतिपक्ष और सांसद राहुल गांधी ने हस्तक्षेप कर गुटबाजी को समाप्त करने की कोशिश की है।
मुख्यमंत्री पद के लिए कई दावेदार
वहीं, एक तरफ मुख्यमंत्री पद के लिए भूपेंद्र हुड्डा, कुमारी सैलजा और रणदीप सिंह सुरजेवाला तक का नाम चल रहा है तो वहीं भूपेंद्र हुड्डा के बेटे दीपेंद्र हुड्डा की भी चर्चा है। क्या दीपेंद्र मुख्यमंत्री पद की रेस में है? इस सवाल पर भूपेंद्र हुड्डा ने कहा, ‘मैं ना तो रिटायर हुआ हूं और ना ही थका हुआ हूं। हुड्डा ने वोट कटने की संभावना से भी इनकार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला होने से जनता वोट काटने वालों की तरफ नहीं जाएगी।
बता दें कि, हरियाणा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हुड्डा ने कहा कि राज्य में भारी जनादेश मिलेगा। लोगों ने यह तय कर लिया है कि ‘अबकी बार कांग्रेस की सरकार’। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, हरियाणा में कांग्रेस एकजुट है। सीएम पद के लिए एक से अधिक दावेदारी मिलने से पार्टी को और ताकत मिलेगी।
लेकिन बड़ा सवाल है जो कांग्रेस अपने नेताओं के साथ एक मंच पर आकर साझा घोषणा पत्र नहीं जारी कर सकती वो कांगेस अपने नेताओं के साझे प्रयास से भाजपा को हरियाणा की गद्दी से उतार फेंकेगी इसको लेकर संशय बना हुआ है और मतदाताओं के मन में विशेष रूप से कांग्रेस समर्थकों में यह उधेड़बुन साफ दिखाई देता है।


