अब फसल संबंधी समस्याओं का समाधान डिजिटल सर्वे के डेटाबेस के आधार पर किया जाएगा। साथ ही केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ भी वास्तविक किसान तक पहुंचने में मदद मिलेगी। यह डेटाबेस किसानों के लिए वन स्टॉप सॉल्यूशन की तरह काम करेगा। एकत्रित डाटा के आधार पर फसलों की एमएसपी तय करने में सरकार को भी मदद मिलेगी।
लखनऊ: यूपी के सभी 75 जिलों में केंद्र की एग्रीस्टैक योजना के तहत रबी फसलों की ई-खसरा पड़ताल यानी डिजिटल सर्वे का काम एक जनवरी से शुरू हो गया है। 15 फरवरी तक चलने वाले डिजिटल क्राप सर्वे के दौरान हर खेत के सर्वे का निर्णय लिया गया है।
मानसून फसल के दौरान पहली बार हुए डिजिटल क्राप सर्वे के तहत 21 जिलों में पूर्ण रूप से जबकि 54 जिलों के 10-10 गांवों में सर्वे का कार्य किया गया था।
कृषि सचिव डॉ. राजशेखर ने बताया था कि, रबी फसल के दौरान हर खेत का डिजिटल सर्वे किया जाएगा। सर्वे के लिए सर्वेयर और सुपरवाइजर के चयन की प्रक्रिया को 20 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा, दिसंबर के आखिरी सप्ताह तक उनके प्रशिक्षण का लक्ष्य रखा गया है।
केंद्र की एग्रीस्टैक योजना के तहत सर्वे को 45 दिनों में पूर्ण करने की कोशिश होगी। उन्होंने बताया कि इस दौरान करीब 6.5 करोड़ गाटा संख्या का सर्वे किया जाएगा।
किसान होंगे लाभान्वित
डिजिटल सर्वे के डेटाबेस के आधार पर फसल संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। साथ ही केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ भी वास्तविक किसान तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
डिजिटल सर्वे के आंकड़ों के आधार पर किसानों के लिए वन स्टॉप सॉल्यूशन की तरह काम करेगा। एकत्रित डाटा के आधार पर फसलों की एमएसपी निर्धारण में भी मदद मिलेगी साथ ही फसल बीमा और किसान क्रेडिट कार्ड के दायरे में विस्तार भी किया जा सकेगा।

