BSP का एजेंडा साफ, 5 गुना से ज्यादा मुस्लिम प्रत्याशियों को दिए टिकट

0
150

यूपी में होने वाला नगर निकाय चुनाव राजनीतिक दलों के लिए वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है, लिहाजा, इसके परिणाम दिल्ली को भी उत्तर प्रदेश के सियासी मूड को भांपने में मददगार बनेंगे. ऐसे में सभी पार्टी आगामी चुनावों को ध्यान में रखकर निकाय चुनाव में ताल ठोंक रही हैं. इसी क्रम में बसपा प्रमुख मायावती ने भी अपने इरादे साफ कर दिए हैं. निकाय चुनाव में प्रत्याशियों की घोषणा कर पार्टी ने दलित-मुस्लिम कार्ड पर जहां मुहर लगा दी है, वहीं इस बार पांच गुना से ज्यादा मुस्लिमों को टिकट का तोहफा देकर खास वर्ग को एक बड़ा संदेश भी दे दिया है.

17 सीटों में से 11 पर मुस्लिम प्रत्याशी

यूपी नगर निगम की कुल 17 सीटें हैं, ऐसे में बसपा ने मेयर पद के लिए दो चरणों में लिस्ट जारी है. इसमें 17 सीटों में से 11 पर मेयर पद के लिए मुस्लिमों पर भरोसा जताया है, यानी 64 फीसदी से अधिक सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशियों को मैदान में उतारकर बसपा ने बड़ा संदेश दिया. इसके अलावा हिंदू कम्यूनिटी में से तीन एससी, दो ओबीसी और एक सामान्य वर्ग से प्रत्याशी का एलान किया.

क्या है बसपा की रणनीति

दरअसल, बसपा सुप्रीमो अपने भाषणों में कहती रही हैं कि यदि दलितों के वोट के साथ मुस्लिमों का वोट आ जाए तो स्थिति बदल सकती है, लिहाजा, इस बार उन्होंने मुस्लिमों पर फोकस करने रणनीति बनाई और दूसरे दलों से ज्यादा मुस्लिम कंडीडेट मैदान में उतारे. पिछले चुनाव में बसपा ने दलित मुस्लिम समीकरण के दम पर ही मेरठ और अलीगढ़ की सीटें जीत ली थीं, इस बार भी बसपा इसी तरह का अपना गणित लगाकर स्थिति और मजबूत करना चाहती है. इस बार बसपा ने 2017 के नगर निगम चुनाव से 5 गुना से ज्यादा मुस्लिम कंडीडेट को टिकट दिया. पिछली बार अलीगढ़ और बरेली सीट पर ही दो मुस्लिम प्रत्याशी उतारे थे. इस बार टिकट में मुस्लिमों को भरपूर तवज्जो देकर बसपा प्रमुख इस खास समाज को सबसे हितैषी होने का भी संदेश देने की कोशिश की।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here